जम्मू-कश्मीर में बिजली उपभोक्ताओं की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रदेश में बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर खराब होने की शिकायतें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में करीब 16 हजार स्मार्ट मीटर या तो खराब हो चुके हैं या जल गए हैं। इन मीटरों के खराब होने के बाद उपभोक्ताओं को बिजली की वास्तविक खपत के आधार पर बिल मिलने में परेशानी हो रही है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें वास्तविक रीडिंग के बजाय औसत खपत के आधार पर बिजली के बिल भेजे जा रहे हैं।
उपभोक्ताओं के मुताबिक, खराब स्मार्ट मीटर के कारण उनके घर में बिजली की खपत कितनी हुई, इसका सही आकलन नहीं हो पा रहा है। इसके बावजूद बिजली विभाग की ओर से औसत खपत के आधार पर बिल तैयार किए जा रहे हैं। कई मामलों में यह औसत खपत वास्तविक इस्तेमाल से काफी अधिक बताई जा रही है। इससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि सामान्य तौर पर स्मार्ट मीटर से बिजली की खपत की सटीक जानकारी मिलनी चाहिए। इससे उपभोक्ताओं को इस्तेमाल के हिसाब से बिल चुकाने में आसानी होती है। लेकिन जब मीटर ही खराब हो जाए तो बिलिंग व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि खराब मीटर की स्थिति में वास्तविक खपत का आकलन किए बिना अधिक राशि के बिल भेजे जा रहे हैं।
कई उपभोक्ताओं ने मांग की है कि खराब और जले हुए स्मार्ट मीटरों को जल्द से जल्द बदला जाए। साथ ही जब तक नया मीटर नहीं लगाया जाता, तब तक बिल तैयार करने के लिए ऐसी व्यवस्था अपनाई जाए जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से अधिक भुगतान न करना पड़े। लोगों का कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा में बिलिंग की पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
उपभोक्ताओं के बीच इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि यदि किसी घर का मीटर तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहा है तो इसकी जिम्मेदारी उपभोक्ता पर नहीं डाली जानी चाहिए। उनका कहना है कि मीटर खराब होने की स्थिति में विभाग को शिकायतों का तेजी से समाधान करना चाहिए और गलत या अधिक बिल जारी होने पर उसे संशोधित करने की व्यवस्था करनी चाहिए।
स्मार्ट मीटरों को बिजली खपत की निगरानी और बिलिंग को अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से लगाया गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में मीटर खराब होने और औसत खपत के आधार पर बिल भेजे जाने की शिकायतें व्यवस्था के सामने चुनौती खड़ी करती हैं। उपभोक्ता अब उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित विभाग इस मामले में जल्द कार्रवाई करेगा, खराब मीटरों को बदला जाएगा और अधिक बिल की शिकायतों का समाधान किया जाएगा। साथ ही भविष्य में मीटर खराब होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को अनावश्यक आर्थिक परेशानी से बचाने के लिए स्पष्ट और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

