किन्नरों को OBC में शामिल करना ‘सिर्फ दिखावा’: कोर्ट ने सरकार को दी नई आरक्षण नीति बनाने की सलाह
Rajasthan High Court ने किन्नर समुदाय को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सूची में शामिल करने के राज्य सरकार के फैसले पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि यह कदम केवल औपचारिकता बनकर रह गया है और इससे समुदाय को वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट कहा कि केवल OBC सूची में शामिल कर देने से किन्नर समुदाय की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिए कि वह इस दिशा में ठोस और प्रभावी नीति तैयार करे, जिससे इस वर्ग को वास्तविक फायदा मिल सके।
अदालत ने उदाहरण देते हुए Karnataka और Tamil Nadu की नीतियों का उल्लेख किया, जहां किन्नर समुदाय के लिए विशेष आरक्षण और कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई हैं। कोर्ट ने कहा कि राजस्थान सरकार को भी इन राज्यों की तर्ज पर एक व्यापक और प्रभावी आरक्षण नीति तैयार करनी चाहिए।
कोर्ट की इस टिप्पणी को सामाजिक न्याय के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किन्नर समुदाय लंबे समय से मुख्यधारा से अलग-थलग रहा है और उन्हें शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं में बराबरी का अवसर नहीं मिल पाता।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि केवल OBC श्रेणी में शामिल करने से उन्हें आरक्षण का लाभ व्यवहारिक रूप से नहीं मिल रहा है, क्योंकि उनकी विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अलग प्रावधानों की आवश्यकता है।
अदालत ने सरकार को यह भी कहा कि वह इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए ठोस कदम उठाए, ताकि किन्नर समुदाय को समाज में समान अवसर और सम्मान मिल सके।
फिलहाल कोर्ट के इस रुख के बाद सरकार पर प्रभावी नीति बनाने का दबाव बढ़ गया है और आने वाले समय में इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

