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भारत, अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब

मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत, अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गया है, जिसमें प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के तहत शून्य सीमा शुल्क पर आयात करने की सुविधा होगी और इसके साथ ही द्विपक्षीय व्यापार करने में भी मदद मिलेगी। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।
भारत, अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब

मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत, अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गया है, जिसमें प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) स्कीम के तहत शून्य सीमा शुल्क पर आयात करने की सुविधा होगी और इसके साथ ही द्विपक्षीय व्यापार करने में भी मदद मिलेगी। यह जानकारी सोमवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।

आज अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस अपने परिवार के साथ भारत पहुंचे हैं। इस दौर पर भारत-अमेरिका बीटीए पर भी बातचीत हो सकती है।

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि बीटीए से डिफेंस, क्लीन एनर्जी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में उच्च स्तरीय अमेरिकी टेक्नोलॉजी आयात के भी रास्ते खुलेंगे।

पैंटोमैथ ग्रुप की कंपनी असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स लिमिटेड (एसीएमआईआईएल) की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था, जनसांख्यिकीय लाभांश और निर्यात पर कम निर्भरता से भारत की जीडीपी अच्छी स्थिति में बनी हुई है।

रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका को होने वाले निर्यात की भारत की जीडीपी में हिस्सेदारी 2.1 प्रतिशत है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता से उन देशों की अपेक्षा भारत की अर्थव्यवस्था पर कम असर होगा, जो काफी हद तक निर्यात पर निर्भर हैं।

रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिका ने भारत पर चीन की तुलना में काफी कम टैरिफ लगाए हैं। ऐसे में आपूर्ति श्रृंखला में होने वाले बदलाव का सीधा फायदा भारत को मिलेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, आधार मजबूत होने के कारण देश की अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में है। वित्त वर्ष 26 में जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत रह सकती है। वहीं, वित्त वर्ष 25 में राजकोषीय घाटा कम होकर 4.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

एसीएमआईआईएल के मुताबिक, टेक्निकल और वैल्यूएशन इंडीकेटर्स इशारा कर रहे हैं कि बाजार निचले स्तरों से रिकवरी कर रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘मेक इन इंडिया’ इनिशिएटिव और कारोबार को आसान बनाने पर ध्यान देने सहित सरकार के नीतिगत समर्थन से विभिन्न क्षेत्रों को मजबूती मिल रही है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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