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'सुक्खू ने जिसका किया प्रचार, उसे मिले सिर्फ 650 वोट', जयराम ठाकुर का CM पर तंज

'सुक्खू ने जिसका किया प्रचार, उसे मिले सिर्फ 650 वोट', जयराम ठाकुर का CM पर तंज

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री Jai Ram Thakur ने मौजूदा मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu पर तीखा हमला बोला है। जयराम ठाकुर ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया गया, उन्हें बेहद कम वोट मिले हैं।

जयराम ठाकुर का सीधा तंज

जयराम ठाकुर ने एक जनसभा या बयान के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने जिस प्रत्याशी के लिए प्रचार किया, उसे मात्र 650 वोट ही मिले। उन्होंने इसे सरकार की “जमीनी पकड़ कमजोर होने” का संकेत बताया और तंज कसते हुए कहा कि जनता का भरोसा सरकार से लगातार कम हो रहा है।

उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है और दोनों प्रमुख दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस नेताओं ने जयराम ठाकुर के बयान को राजनीतिक निराशा का नतीजा बताया है। पार्टी का कहना है कि चुनावी परिणाम किसी एक प्रचार अभियान से तय नहीं होते, बल्कि स्थानीय परिस्थितियों और कई कारकों पर निर्भर करते हैं।

कांग्रेस का यह भी कहना है कि भाजपा नेता हार के बाद इस तरह के बयान देकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

चुनावी नतीजों पर छिड़ी बहस

इस बयान के बाद राज्य के हालिया चुनावी नतीजों और मतदान पैटर्न को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमाचल में चुनावी मुकाबला बेहद करीबी रहा है और कई सीटों पर मतदाताओं का रुझान बदलता रहा है।

ऐसे में किसी एक उम्मीदवार के वोट प्रतिशत को आधार बनाकर पूरे राजनीतिक माहौल का आकलन करना सही नहीं माना जा रहा।

हिमाचल की सियासत में बढ़ा तनाव

हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से ही राजनीतिक तनाव बना हुआ है। सरकार के कामकाज, विकास परियोजनाओं और चुनावी रणनीतियों को लेकर दोनों दल लगातार एक-दूसरे पर हमलावर रहते हैं।

जयराम ठाकुर के इस ताजा बयान ने इस राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है, जिससे आने वाले समय में और तीखी बयानबाजी की संभावना जताई जा रही है।

जनता पर क्या असर?

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयानबाजी से आम जनता के मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। महंगाई, रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय राजनीतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप में उलझ जाते हैं।

फिलहाल हिमाचल की राजनीति में यह बयान चर्चा का विषय बना हुआ है और दोनों दलों की अगली प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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