शिमला जिला परिषद शपथ ग्रहण समारोह में हंगामा, भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नारेबाजी और धक्कामुक्की
हिमाचल प्रदेश की राजधानी Shimla में जिला परिषद सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। स्पष्ट बहुमत की स्थिति न बनने के कारण भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी हुई, जो बाद में धक्कामुक्की तक पहुंच गई।
शपथ ग्रहण समारोह में बढ़ा तनाव
जिला परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान दोनों प्रमुख दलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थे। जिला परिषद के गठन और नेतृत्व को लेकर राजनीतिक खींचतान के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया।
नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच नारेबाजी शुरू हुई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस के साथ धक्कामुक्की की स्थिति बन गई।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। सुरक्षा कर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग कर माहौल शांत कराया, जिसके बाद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
स्पष्ट बहुमत न होने से बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
जिला परिषद में किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी वजह से दोनों दल अपने-अपने समर्थन का दावा कर रहे हैं।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर नहीं
प्रशासन का कहना है कि हंगामे के बावजूद शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी कराई गई और कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रही। अधिकारियों ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
आगे की रणनीति पर नजर
अब सभी की नजर जिला परिषद में सत्ता संतुलन और नेतृत्व के चुनाव पर टिकी हुई है। राजनीतिक समीकरणों को लेकर दोनों दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
शिमला में हुए इस घटनाक्रम ने जिला परिषद की राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों को लेकर राजनीतिक हलचल और बढ़ने की संभावना है।

