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10 जुलाई से शुरू होगी श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा, वीडियो में जाने तैयारियों को लेकर प्रशासन ने तेज की कवायद

10 जुलाई से शुरू होगी श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा, वीडियो में जाने तैयारियों को लेकर प्रशासन ने तेज की कवायद

उत्तर भारत की सबसे कठिन और आस्था से जुड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा इस वर्ष 10 जुलाई से शुरू होकर 23 जुलाई तक चलेगी। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी विधानसभा क्षेत्र स्थित निरमंड से संचालित होने वाली इस पवित्र यात्रा को लेकर प्रशासन और श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

यात्रा के सफल संचालन और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए बुधवार को निरमंड में श्रीखंड यात्रा ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं कुल्लू के उपायुक्त (डीसी) ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। बैठक में यात्रा मार्ग, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, संचार नेटवर्क, साफ-सफाई और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि श्रीखंड महादेव यात्रा बेहद दुर्गम और चुनौतीपूर्ण मार्ग से होकर गुजरती है, इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं, राहत शिविरों और आपातकालीन सहायता केंद्रों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रशासन के अनुसार यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए संबंधित पोर्टल शीघ्र ही खोला जाएगा, जहां श्रद्धालु घर बैठे अपना पंजीकरण कर सकेंगे। यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा और निर्धारित नियमों के अनुसार मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत करना पड़ सकता है।

श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है। समुद्र तल से लगभग 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित श्रीखंड महादेव शिला को भगवान भोलेनाथ का स्वरूप माना जाता है। दुर्गम पहाड़ों, ग्लेशियरों, बर्फीले रास्तों और कठिन चढ़ाई से होकर गुजरने वाली यह यात्रा श्रद्धा, साहस और धैर्य की परीक्षा मानी जाती है।

हर वर्ष हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु श्रीखंड महादेव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर लंबा पैदल सफर तय करना पड़ता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद भगवान शिव के प्रति आस्था उन्हें इस पवित्र यात्रा के लिए प्रेरित करती है।

बैठक में ट्रस्ट के पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और यात्रा अवधि के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।

प्रशासन का मानना है कि बेहतर प्रबंधन और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के माध्यम से इस वर्ष की श्रीखंड महादेव कैलाश यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सफल बनाया जाएगा। वहीं, श्रद्धालु भी यात्रा शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और भगवान भोलेनाथ के दर्शन की तैयारियों में जुट गए हैं।

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