देशभर में कड़ाके की ठंड का असर, पहाड़ी राज्यों में मौसम में हल्की राहत, तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना
देशभर में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है। विशेष रूप से उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में लोग इस ठंड की मार झेल रहे हैं। हालाँकि, मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से ठंड का प्रकोप कुछ कम हुआ है, लेकिन ऊंचाई वाले इलाकों में सर्दी अभी भी अपना असर बनाए हुए है।
मौसम विभाग के अनुसार, कई क्षेत्रों में दिन के समय हल्की धूप निकलने से तापमान में कुछ बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके बावजूद रातें अब भी बेहद ठंडी बनी हुई हैं, जिससे लोगों को गर्म कपड़े, हीटर और अन्य उपायों की आवश्यकता महसूस हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड में राहत आने के बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी नीचे है। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में मौसम बदलने के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। इस वजह से ग्रामीण इलाकों और पर्वतीय क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में धूप निकलने लगी है, जिससे दिन के तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, उच्च पर्वतीय इलाकों जैसे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और ठंडा मौसम अभी भी जारी है।
विशेषज्ञों ने बताया कि आगामी दिनों में ध्रुवीय हवाओं का प्रवेश और पश्चिमी विक्षोभ की दिशा में बदलाव तापमान में उतार-चढ़ाव ला सकता है। इससे लोग दिन और रात के तापमान में अंतर का सामना करेंगे और सर्दी से संबंधित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सर्दी और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, पर्याप्त मात्रा में गर्म पेय पदार्थ लें और रात के समय विशेष सतर्कता रखें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है।
स्थानीय प्रशासन ने भी पर्वतीय क्षेत्रों और निचले इलाकों में सर्दियों के लिए राहत शिविर, हीटर और दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसानों और ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों को सर्द हवाओं और संभावित तापमान में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
इस तरह, देशभर में ठंड का प्रकोप कुछ कम हुआ है लेकिन अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव और सर्दी की तीव्रता दोनों की संभावना बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जनता को सतर्क रहने और मौसम विभाग के अद्यतन चेतावनियों का पालन करने की आवश्यकता है।

