रैगिंग, पिटाई, यौन उत्पीड़न…हिमाचल की कॉलेज छात्रा ने मौत से पहले बयां किया दर्द, देखकर खौल जाएगा खून
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के एक सरकारी कॉलेज में एक छात्रा की मौत के बाद, रैगिंग और यौन उत्पीड़न के आरोप में तीन छात्राओं और एक प्रोफेसर अशोक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने न सिर्फ छात्रा के साथ रैगिंग की, बल्कि उसके साथ मारपीट भी की, जिससे 19 साल की सेकंड ईयर की छात्रा की मौत हो गई।
छात्रा ने अपनी मौत से पहले एक वीडियो में अपनी आपबीती बताई
अपनी मौत से पहले, छात्रा ने एक मोबाइल वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने अपनी आपबीती बताई। उसने बताया कि प्रोफेसर ने उसे गलत तरीके से छुआ था। वीडियो में उसने मानसिक और यौन उत्पीड़न की कई अन्य घटनाओं का भी जिक्र किया। छात्रा ने आरोप लगाया कि जब उसने विरोध किया, तो आरोपियों ने उसे चुप रहने की धमकी दी।
#छत्तीसगढ़
— Abhimanyu Singh Journalist (@Abhimanyu1305) January 2, 2026
👉🏾 स्कूल कॉलेज एक पवित्र शिक्षा का मंदिर माना जाता है लेकिन वहां भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। दुनिया से जा चुकी पल्लवी का यह दो माह पहले का बयान है।
👉🏾 जिसमें बताया था कि उसके कॉलेज के अशोक सर् उसे काफी दिनों से बैड टच व अश्लील हरकतें कर परेशान करते थे। परिवार के… pic.twitter.com/CSrFS7WeuE
सीनियर छात्राओं ने रैगिंग की और धमकी दी
पुलिस ने बताया कि पीड़िता की मौत 26 दिसंबर, 2025 को लुधियाना के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, जिसके बाद गुरुवार को मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई पीड़िता के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप है कि 18 सितंबर, 2025 को तीन सीनियर छात्राओं, हर्षिता, आकृति और कोमोलिका ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और उसे चुप रहने की धमकी दी। उन्होंने कॉलेज के प्रोफेसर अशोक कुमार पर भी छात्रा के साथ अभद्र हरकतें करने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
उत्पीड़न के कारण छात्रा तनाव में थी
पिता के अनुसार, इस मारपीट और उत्पीड़न के कारण उनकी बेटी की हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटी गहरे सदमे में थी, इसलिए पहले शिकायत दर्ज नहीं कराई जा सकी। पिता ने बताया कि उन्होंने 20 दिसंबर को पुलिस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
20 दिसंबर को दर्ज शिकायत में सिर्फ रैगिंग का जिक्र था
पुलिस अधिकारी अशोक रतन ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 75, 115(2) और हिमाचल प्रदेश शैक्षणिक संस्थान (रैगिंग निषेध) अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। लड़की को कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, लेकिन 26 दिसंबर को लुधियाना के DMC अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, 20 दिसंबर को दर्ज शिकायत में सिर्फ रैगिंग का ज़िक्र था, इसलिए वे शुरू में उसी एंगल से जांच कर रहे थे। हालांकि, प्रोफेसर के खिलाफ आरोप सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। जांच में उन सभी अस्पतालों की भी जांच की जाएगी जहां छात्रा को मौत से पहले भर्ती कराया गया था।
कॉलेज प्रशासन की अलग सफाई
कॉलेज प्रशासन ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है। उनका दावा है कि छात्रा पहले साल में फेल हो गई थी, फिर भी उसे दूसरे साल में एडमिशन मिल गया था। कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने आरोप लगाया कि उसने पहले कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

