हिमाचल में बारिश और बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित, रोहड़ू में भूस्खलन से 61 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। खराब मौसम के बीच कई जगहों पर सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। शिमला जिले के रोहड़ू क्षेत्र में भूस्खलन के कारण बड़ी संख्या में सड़क मार्गों पर यातायात बाधित होने की जानकारी सामने आई है।
रोहड़ू क्षेत्र में बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर सड़कों पर आ गया। इसके चलते करीब 61 सड़कें बंद हो गईं। सड़क मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों की टीमें बंद सड़कों को खोलने के काम में जुट गई हैं। सड़कों पर जमा मलबे को हटाने के लिए मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि लगातार खराब मौसम के कारण राहत और बहाली के काम में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी होने से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने लगी है और मौसम का असर सामान्य गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है। बर्फबारी वाले क्षेत्रों में सड़क पर फिसलन बढ़ने से वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
बारिश और भूस्खलन के कारण सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अलावा पर्यटकों को भी कई जगहों पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील मार्गों पर सावधानी बरतने की अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी इलाकों की भौगोलिक स्थिति के कारण भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क किनारे पहाड़ियों से गुजरने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। अचानक मलबा गिरने की घटनाओं से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
फिलहाल बंद सड़कों को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। मौसम में सुधार होने के साथ सड़क बहाली का काम तेजी से पूरा होने की उम्मीद है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

