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हिमाचल में मानसून का कहर: किन्नौर में बादल फटने से NH-5 बंद, लाहौल में पत्थर गिरने से HRTC कंडक्टर की मौत

हिमाचल में मानसून का कहर: किन्नौर में बादल फटने से NH-5 बंद, लाहौल में पत्थर गिरने से HRTC कंडक्टर की मौत

हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं का दौर तेज हो गया है। प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित हुआ है। किन्नौर जिले में बादल फटने से मीरू नाले में अचानक बाढ़ आ गई, जिसके चलते राष्ट्रीय राजमार्ग-5 (NH-5) पूरी तरह से ठप हो गया। वहीं, लाहौल में पत्थर गिरने की घटना में एचआरटीसी बस कंडक्टर की मौत हो गई है। मानसून सीजन में अब तक प्रदेश में बारिश और आपदा से जुड़ी घटनाओं में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 11 पहुंच गया है।

जानकारी के अनुसार, किन्नौर जिले में बादल फटने के बाद मीरू नाले में पानी का बहाव अचानक बढ़ गया। तेज रफ्तार से आए मलबे और पानी ने सड़क मार्ग को प्रभावित किया। इस दौरान मलबे में दो वाहन दब गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि दोनों वाहनों में सवार लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।

बादल फटने की घटना के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने का काम शुरू किया गया है। लेकिन भारी मात्रा में मलबा आने के कारण NH-5 पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसके बंद होने से स्थानीय लोगों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, लाहौल-स्पीति जिले में एक अन्य दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने के कारण एचआरटीसी बस के कंडक्टर की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने घटना की जानकारी जुटाने के साथ ही जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रदेश में मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, बादल फटने और सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में कमजोर हो चुकी जमीन बारिश के कारण खिसक रही है, जिससे कई जगहों पर सड़कें बाधित हो रही हैं।

मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी है।

प्रशासन ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों में अत्यधिक सावधानी की जरूरत होती है। तेज बारिश के समय यात्रा करने से बचना और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।

फिलहाल किन्नौर और लाहौल में राहत एवं बचाव कार्य जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता बंद सड़कों को जल्द बहाल करना और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वहीं, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

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