हिमाचल में मॉनसून का कहर! 800 करोड़ का नुकसान, 140 से ज्यादा मौतें; 300 घर तबाह
हिमाचल प्रदेश में इस बार मानसून एक बार फिर बड़ी तबाही लेकर आया है। लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 140 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्राकृतिक आपदाओं के कारण प्रदेश में करीब 300 घरों को भी नुकसान पहुंचा है।
मानसून की बारिश से राज्य को अब तक करीब 800 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन, बादल फटने, बाढ़ और सड़क हादसों जैसी घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने प्रदेश के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बारिश और भूस्खलन से सबसे ज्यादा नुकसान
हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी भौगोलिक परिस्थितियों के कारण भारी बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पत्थर गिरने के कारण सड़कें बाधित हुई हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ कई इलाकों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए खतरा पैदा हो गया है। कई जगहों पर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
140 से ज्यादा लोगों की मौत
मानसून के दौरान हुई विभिन्न दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं में अब तक 140 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 200 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं।
बारिश के कारण घरों और अन्य संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अब तक करीब 300 घरों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जरूरत पड़ी है।
800 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान
भारी बारिश और उससे जुड़ी घटनाओं ने राज्य की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर भी असर डाला है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश को करीब 800 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सड़कों, पुलों, मकानों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचने से सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करने की है। मौसम विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम खराब होने के दौरान लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है। पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों को भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
मानसून के अभी पूरी तरह समाप्त नहीं होने के कारण प्रशासन के सामने आने वाले दिनों में भी चुनौती बनी हुई है। लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

