मॉनसून विदा लेकिन नहीं टला खतरा; शिमला में दरकी पहाड़ी, हिमाचल में 2 दिन येलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश से मॉनसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन मौसम का मिजाज अभी भी चिंता बढ़ा रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसी बीच राजधानी शिमला में ढली-संजौली बाईपास पर अचानक पहाड़ी दरक गई और सड़क पर मलबा आ गिरा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया।
शिमला में अचानक दरकी पहाड़ी
बुधवार को ढली-संजौली बाईपास पर पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक सड़क पर आ गिरा। देखते ही देखते सड़क पर मिट्टी और मलबा फैल गया। उस समय वहां से वाहन गुजर रहे थे, लेकिन किसी के इसकी चपेट में आने की सूचना नहीं है।
भूस्खलन के बाद पुलिस ने एहतियात के तौर पर बाईपास पर आवाजाही रोक दी। सड़क से मलबा हटाने के लिए मशीनरी मौके पर पहुंचाई गई।
पश्चिमी विक्षोभ ने बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हिमाचल में मौसम ने करवट ली है। मंगलवार रात से ही कई इलाकों में बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और ओलावृष्टि देखने को मिली। पालमपुर में 24 घंटे के दौरान 82.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि शिमला के सराहन में 28.7 मिलीमीटर बारिश हुई।
पालमपुर और जोत में ओले भी गिरे। तेज हवाओं के कारण कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
8 और 9 अक्टूबर को येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 8 और 9 अक्टूबर को हिमाचल के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। शिमला, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने के साथ आंधी और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।
ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव के चलते प्रदेश के तापमान में गिरावट आने के आसार हैं।
मॉनसून की विदाई के बाद भी बारिश क्यों?
हिमाचल प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की पूरी तरह विदाई 4 अक्टूबर को हुई थी। इस बार मॉनसून सामान्य तारीख से करीब आठ दिन देरी से विदा हुआ। इसके बावजूद अब पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी का दौर बन गया है।
ऐसे में भूस्खलन संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों और पहाड़ी सड़कों से गुजरने वाले वाहन चालकों को अगले दो दिनों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है।

