टैक्स चोरी पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 6 राज्यों की 40 तहसीलों में हुई जांच
आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि टैक्स चोरी से जुड़े मामलों में विभाग को लगातार महत्वपूर्ण जानकारियां मिल रही थीं। इन सूचनाओं के आधार पर विभाग ने पिछले साल एक बड़ा जांच अभियान चलाया, जिसके तहत छह राज्यों की करीब 40 तहसीलों में पहुंचकर जमीन और संपत्ति से जुड़े खरीद-फरोख्त के सौदों की गहन जांच की गई।
अधिकारी के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य उन लेन-देन की पहचान करना था जिनमें वास्तविक कीमत को छिपाकर कम मूल्य दिखाया गया था या फिर नकद लेन-देन के जरिए टैक्स चोरी की संभावना थी। विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और संबंधित खातों की बारीकी से जांच की।
सूत्रों के मुताबिक, कई मामलों में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में घोषित कीमत और वास्तविक बाजार मूल्य में बड़ा अंतर पाया गया। इसी तरह कुछ लेन-देन में संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के संकेत भी मिले हैं, जिनकी आगे जांच की जा रही है।
आयकर विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई किसी एक राज्य तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसे एक समन्वित अभियान के रूप में छह अलग-अलग राज्यों में एक साथ चलाया गया। इससे रियल एस्टेट सेक्टर में हो रहे वित्तीय लेन-देन की व्यापक तस्वीर सामने आई है।
अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की जांच का उद्देश्य केवल टैक्स चोरी रोकना ही नहीं, बल्कि पारदर्शी संपत्ति लेन-देन को बढ़ावा देना भी है। विभाग अब एकत्र किए गए डेटा का विश्लेषण कर रहा है और संदिग्ध मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में कैश ट्रांजैक्शन और अंडर-रिपोर्टिंग लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। ऐसे में इस तरह की जांच से सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
फिलहाल आयकर विभाग की टीमें प्राप्त डेटा के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं और आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

