'युवाओं का दिल जीतेंगे तो विरासत मजबूत होगी', वीडियो में जाने PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह की प्रधानमंत्री मोदी को नसीहत
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री (PWD) विक्रमादित्य सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को युवाओं से संवाद बढ़ाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री आने वाले समय में अपनी राजनीतिक विरासत (लीगेसी) को और मजबूत करना चाहते हैं, तो उन्हें देश के युवाओं का विश्वास जीतना होगा और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से सीधे संवाद करना चाहिए।
'युवाओं की बात सुनना जरूरी'
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में छात्रों और युवाओं की भावनाओं को समझना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, सरकार को आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद ही समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम होता है।
'चाचा नेहरू की तरह याद किए जा सकते हैं मोदी'
अपने बयान में विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्हें आज भी दशकों बाद 'चाचा नेहरू' के नाम से याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं से जुड़ते हैं और उनकी भावनाओं को समझते हैं, तो भविष्य में उन्हें भी एक अलग पहचान मिल सकती है।विक्रमादित्य सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी भविष्य में 'छोटे चाचा मोदी' के नाम से भी जाने जा सकते हैं, बशर्ते वे युवाओं के साथ संवाद स्थापित करें और उनकी अपेक्षाओं पर ध्यान दें।
राहुल गांधी का भी किया जिक्र
हिमाचल के मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने छात्रों की आवाज को मजबूती से सामने रखा है और अब केंद्र सरकार को भी उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राजनीति से ऊपर उठकर समाधान खोजने की आवश्यकता है।
'टकराव नहीं, समाधान का समय'
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव किसी के हित में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय संवाद और समाधान का है, न कि टकराव का।उन्होंने सरकार से अपील की कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकाला जाए।विक्रमादित्य सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब NEET पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है और विपक्ष लगातार सरकार से छात्रों के साथ संवाद करने की मांग कर रहा है। उनके बयान ने इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस को एक नया आयाम दे दिया है।

