हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, विधवा और एकल महिलाओं के बच्चों को 27 साल तक मिलेगी 1000 रुपये की पॉकेट मनी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने विधवा और एकल महिलाओं के बच्चों के लिए चल रही इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। अब योजना के तहत 19 से 27 वर्ष की आयु के पात्र युवाओं को भी हर महीने 1000 रुपये पॉकेट मनी दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
अभी तक योजना के तहत पात्र विधवा और एकल महिलाओं के 18 वर्ष तक की आयु वाले बच्चों को 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जा रही थी। सरकार के नए फैसले के बाद इस सहायता का लाभ 19 से 27 वर्ष की आयु वाले पात्र युवाओं को भी मिलेगा। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराना है।
सरकार के अनुसार, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के तहत फिलहाल 21,292 लाभार्थियों को सहायता मिल रही है। चालू वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 40.29 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। योजना के तहत पात्र बच्चों की उच्च शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार वहन कर रही है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लोगों तक आसानी से पहुंचे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की सभी योजनाओं को एकीकृत पोर्टल से जोड़ने की दिशा में भी काम करने को कहा गया है, ताकि लाभार्थियों को आवेदन और योजनाओं की जानकारी हासिल करने में परेशानी न हो।
बैठक में मेधावी विद्यार्थियों को विदेश में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की योजना पर भी चर्चा हुई। सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना के 50 मेधावी लाभार्थियों और चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के 50 मेधावी विद्यार्थियों समेत कुल 100 छात्रों के लिए ऐसी यात्रा की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा सरकार डॉ. वाईएस परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए मेधावी विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध करा रही है। सरकार का कहना है कि आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसी उद्देश्य से इन योजनाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।

