हिमाचल हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: संजौली-भट्टाकुफर सुरंग में नई खुदाई पर रोक, सुरक्षा कार्यों को मिली सशर्त मंजूरी
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला की संजौली-भट्टाकुफर सुरंग के निर्माण कार्य को लेकर अहम आदेश दिया है। अदालत ने सुरंग में नई खुदाई पर रोक लगा दी है। हालांकि, पहले से खोदे जा चुके हिस्से के ढहने के खतरे को देखते हुए उसे सुरक्षित करने के लिए कुछ शर्तों के साथ सेकेंडरी लाइनिंग की अनुमति दी गई है।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद सुरंग में आगे की खुदाई का काम नहीं किया जा सकेगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल केवल पहले से खोदे गए हिस्से को सुरक्षित करने के उद्देश्य से ही काम किया जा सकता है। इसके लिए संबंधित हिस्से की पहले वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य होगा।
ढहने के खतरे को देखते हुए मिली राहत
अदालत ने सुरंग के पहले से खुदे हुए हिस्से की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेकेंडरी लाइनिंग की सशर्त अनुमति दी है। इसका उद्देश्य निर्माण के दौरान तैयार किए गए हिस्से को सुरक्षित करना और उसके ढहने की आशंका को कम करना है।
सेकेंडरी लाइनिंग सुरंग की अंदरूनी संरचना को मजबूती देने के लिए की जाती है। इससे सुरंग की दीवारों और छत को अतिरिक्त सहारा मिलता है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस काम की अनुमति केवल सुरक्षा के उद्देश्य से दी है। इसे नई खुदाई की मंजूरी नहीं माना जाएगा।
काम से पहले वीडियोग्राफी जरूरी
हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, सेकेंडरी लाइनिंग का काम शुरू करने से पहले पहले से खोदे गए हिस्से की वीडियोग्राफी करानी होगी। इससे मौजूदा स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा। अदालत की ओर से लगाई गई शर्तों का पालन करते हुए ही सुरक्षा संबंधी काम आगे बढ़ाया जा सकेगा।
इस आदेश से साफ है कि अदालत ने एक ओर सुरंग में नई खुदाई पर रोक लगाई है, वहीं दूसरी ओर पहले से तैयार हिस्से को असुरक्षित छोड़ने के जोखिम को भी ध्यान में रखा है।
संजौली-भट्टाकुफर सुरंग शिमला की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब इस परियोजना में आगे का काम अदालत की तय शर्तों के दायरे में ही किया जा सकेगा।

