शिमला में तेज बारिश और ओलावृष्टि से जनजीवन प्रभावित, वीडियो में देखें सेब की फसल को भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। शिमला में तेज बारिश के साथ कई इलाकों में भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया।
कुफरी, फागू और महासू पीक जैसे पर्यटन स्थलों के साथ-साथ मंडी और सिरमौर जिलों के कई हिस्सों में भी जोरदार ओले गिरे। ओलावृष्टि इतनी तीव्र थी कि कई स्थानों पर जमीन पर ओलों की मोटी परत जम गई, जिससे दृश्य पूरी तरह बर्फीले माहौल जैसा हो गया।
Kufri और Mahasu Peak क्षेत्र में पिछले चार दिनों से लगातार भारी ओलावृष्टि हो रही है, जिससे स्थानीय किसानों को गंभीर नुकसान उठाना पड़ रहा है। सबसे अधिक असर सेब की बागवानी पर पड़ा है, जिसे इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। शुरुआती आकलन के अनुसार, सेब की फसल को भारी क्षति पहुंची है और कई बागानों में उत्पादन लगभग पूरी तरह नष्ट हो गया है।
Shimla और आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, आज किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर बाकी सभी जिलों में आंधी-तूफान के साथ आसमानी बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, कल के लिए भी चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। Mandi और अन्य प्रभावित जिलों में प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। किसानों को हुए नुकसान को लेकर राहत और मुआवजे की मांग भी तेज होने की संभावना है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, लगातार खराब मौसम से न केवल खेती प्रभावित हुई है, बल्कि यातायात और पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से मौसम अपडेट पर ध्यान देने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

