हिमाचल में मौसम का कहर, शिमला जिले में भारी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, वीडियो में देंखे कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले सहित कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर कहर बरपाया है। कल दोपहर बाद अचानक हुई भारी ओलावृष्टि ने क्षेत्र के किसानों और बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस प्राकृतिक आपदा से सेब, मटर और फूलगोभी जैसी प्रमुख फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।शिमला जिले के नारकंडा, रोहड़ू, चौपाल और टियाली जैसे क्षेत्रों में तेज ओलावृष्टि दर्ज की गई। इन इलाकों में कई बागवानों द्वारा सेब की फसल को बचाने के लिए लगाए गए एंटी-हेल नेट और सहारे के लिए लगाए गए बांस के ढांचे भी तेज ओलों और हवाओं के कारण टूट गए। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान का बड़ा झटका लगा है।
इसी बीच नेरवा क्षेत्र की केदी पंचायत के शुकराना गांव में तूफान के कारण एक बड़ा हादसा हुआ। यहां रहने वाले सीताराम शर्मा के घर की छत तेज हवाओं के चलते उखड़ गई, जिससे संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।शिमला शहर के ढली और संजौली क्षेत्रों में भी मौसम ने करवट ली और बारिश के साथ हल्के ओले गिरे, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं किन्नौर जिले के रिकांगपियो में भी दोपहर बाद बारिश हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में मौसम ठंडा हो गया।
मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए चेतावनी जारी की है। विभाग ने शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी जिलों के लिए शाम छह बजे तक ओलावृष्टि के साथ तेज बारिश और तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की अचानक ओलावृष्टि और तेज हवाएं बागवानी क्षेत्र के लिए बेहद नुकसानदायक हैं, खासकर तब जब सेब जैसी नकदी फसलें तैयार अवस्था में हों। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों और बागानों में अतिरिक्त सावधानी बरतें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें। फिलहाल पूरे क्षेत्र में मौसम अस्थिर बना हुआ है और आने वाले घंटों में और बारिश या ओलावृष्टि की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

