हिमाचल में गर्मी का कहर: ऊना में पारा 43.4°C, शिमला-मनाली भी तपे, सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज
हिमाचल प्रदेश, जो आमतौर पर अपनी ठंडी वादियों और सुहावने मौसम के लिए जाना जाता है, इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। मई के महीने में तापमान ने इस बार सभी पुराने रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ते हुए लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ी इलाकों में भी अब मैदानी क्षेत्रों जैसी तपिश महसूस की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलवार का दिन इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। प्रदेश के ऊना जिले में तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है बल्कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों की ओर भी इशारा करती है। ऊना के अलावा प्रदेश के अन्य मैदानी हिस्सों में भी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हिमाचल के लोकप्रिय पर्यटन स्थल शिमला और मनाली, जो अपनी ठंडी जलवायु के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं, वहां भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। शिमला में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया, जिससे दिन के समय सड़कों पर चहल-पहल कम देखी गई। मनाली में भी दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने पर्यटकों को परेशान कर दिया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, मई के महीने में इस तरह की गर्मी पहले कभी नहीं देखी गई। आमतौर पर इस समय पहाड़ों में हल्की ठंडक और सुहावना मौसम रहता है, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल विपरीत हैं। लोग दिन के समय घरों में रहने को मजबूर हैं और बाजारों में भी भीड़ कम देखी जा रही है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी तापमान में वृद्धि की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की कमी और शुष्क हवाओं के कारण प्रदेश में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को धूप में निकलते समय सावधानी बरतने, पर्याप्त पानी पीने और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न जाने की सलाह दी है।
गर्मी के इस प्रकोप का असर खेती-बाड़ी पर भी पड़ने लगा है। किसानों को फसलों की सिंचाई बढ़ानी पड़ रही है, जिससे पानी की खपत में भी तेजी आई है। वहीं, पशुपालकों को भी अपने पशुओं को गर्मी से बचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं।
पर्यटन उद्योग पर भी इस मौसम का असर देखा जा रहा है। शिमला और मनाली जैसे स्थानों पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में बढ़ती गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। यदि यही स्थिति जारी रहती है तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन और जनता दोनों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा और सावधानियां बरतनी होंगी।

