कांगड़ा क्षेत्र में भूकंप के झटके, कुछ सेकंड तक हिली धरती, 5 दिन पहले भी 5 तीव्रता का झटका आया था
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। इस बार भूकंप का केंद्र कांगड़ा क्षेत्र रहा, जहां मंगलवार को धरती कुछ सेकंड तक हिलती महसूस की गई। झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, भूकंप के झटके हल्के से मध्यम स्तर के थे, लेकिन इनकी अवधि इतनी थी कि लोगों ने स्पष्ट रूप से कंपन महसूस किया। हालांकि अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन लोगों में भय का माहौल जरूर देखा गया।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि अचानक धरती हिलने लगी, जिससे लोग घबराकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। खासकर ऊंची इमारतों और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोग अधिक सतर्क हो गए।
गौरतलब है कि इससे कुछ ही दिन पहले भी राज्य में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 5 जून की रात 10 बजकर 5 मिनट पर हिमाचल प्रदेश में 5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया था। उस दौरान भी कई इलाकों में लोग घरों से बाहर निकल आए थे।
लगातार कम समय में भूकंप के झटके महसूस किए जाने से विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील जोन में आता है, जहां हल्के झटके समय-समय पर महसूस होते रहते हैं। हालांकि बार-बार झटकों का आना लोगों के बीच चिंता जरूर बढ़ा देता है।
प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। साथ ही भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और खुले स्थानों की ओर जाने की सलाह दी गई है।
कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार भूकंप के झटकों ने लोगों में डर का माहौल जरूर पैदा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

