अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत, वीडियो में देंखे हिमाचल BJP ने मांगी FIR
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की कथित आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी को लेकर हिमाचल प्रदेश में सियासी विवाद बढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने पवन खेड़ा के खिलाफ शिमला पुलिस में लिखित शिकायत देकर FIR दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से केंद्रीय गृह मंत्री के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया।
सोमवार को भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिमला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के माध्यम से पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और विधायक राकेश जम्वाल के अलावा विधायक सतपाल सिंह सत्ती, डीएस ठाकुर और दिलीप ठाकुर शामिल थे। भाजपा ने शिकायत में मामले की जांच कर दोष पाए जाने पर FIR दर्ज करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि पवन खेड़ा ने अमित शाह के लिए सार्वजनिक बयान में ‘बौना’, ‘भगोड़ा’ और ‘तड़ीपार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। भाजपा के अनुसार, खेड़ा ने अमित शाह की ‘औकात’ को लेकर भी टिप्पणी की थी। जम्वाल ने कहा कि राजनीतिक मतभेद और सरकार की नीतियों की आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक संवाद की मर्यादा को प्रभावित करता है।
भाजपा ने पुलिस को संबंधित बयान का वीडियो, सोशल मीडिया सामग्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की बात कही है। पार्टी ने पुलिस से कथित बयान के मूल और बिना संपादित वीडियो तथा ऑडियो को सुरक्षित रखने की मांग भी की है। भाजपा का कहना है कि पूरे बयान को उसके संदर्भ के साथ देखा जाना चाहिए और डिजिटल साक्ष्यों की विधिसम्मत तरीके से जांच की जानी चाहिए।
शिकायत में भाजपा ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS और जांच के दौरान लागू पाए जाने वाले अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि जांच में संज्ञेय अपराध के आवश्यक तत्व सामने आते हैं तो पुलिस को FIR दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
राकेश जम्वाल ने कहा कि राजनीतिक बहस में किसी भी दल को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियों और कथित अपमानजनक शब्दावली से राजनीतिक संवाद का स्तर नहीं गिरना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में निष्पक्ष और तथ्य आधारित जांच चाहती है।
भाजपा के मुताबिक, यह विवाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ‘वंदे मातरम्’ को लेकर दिए गए बयान के बाद सामने आया। पार्टी ने कहा कि वंदे मातरम् और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास पर राजनीतिक बहस हो सकती है, लेकिन किसी मुद्दे पर असहमति का जवाब व्यक्तिगत टिप्पणी के जरिए नहीं दिया जाना चाहिए।
फिलहाल पुलिस के सामने भाजपा की शिकायत पहुंच चुकी है। अब इस मामले में पुलिस कथित बयान, वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर आगे की कार्रवाई तय करेगी। यदि जांच में किसी संज्ञेय अपराध के तत्व पाए जाते हैं, तो शिकायत के आधार पर FIR दर्ज हो सकती है। इस विवाद के चलते हिमाचल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

