हिमाचल में बारिश और बर्फबारी के बाद बढ़ी ठंड, लाहौल-स्पीति में तापमान माइनस में
हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम में ठंडक का प्रभाव बढ़ गया है। बुधवार रात को लाहौल-स्पीति जिले के कुकुमसेरी में रात का तापमान माइनस 14.9 डिग्री सेल्सियस, जबकि ताबो में माइनस 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे प्रदेश के कई हिस्सों में ठंड में वृद्धि का अनुभव किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के न्यूनतम तापमान में तीन से चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों ने बताया कि यह बदलाव हाल ही में हुई बारिश और बर्फबारी का नतीजा है। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान में गिरावट सामान्य प्रक्रिया है, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को ठंड का अहसास अधिक होता है।
लाहौल-स्पीति, सोलन और कुल्लू जैसे उच्च पर्वतीय इलाकों में तापमान लगातार गिर रहा है। इन क्षेत्रों में ठंड से बचाव के लिए लोगों ने हीटिंग उपकरण और गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। स्थानीय प्रशासन ने भी सर्दियों में बचाव और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतने की सलाह जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी जारी रहने की संभावना है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में हल्की धूप के साथ दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहेगा। इससे राज्य में मौसम का मिश्रित मिजाज देखने को मिलेगा।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि बर्फबारी और ठंडक से हिमाचल प्रदेश के सर्दियों के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। विशेष रूप से लाहौल-स्पीति, मनाली और शिमला में पर्यटक ठंड और बर्फ का आनंद लेने आते हैं। इसके साथ ही स्थानीय व्यवसायियों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
स्थानीय किसानों ने भी ठंडक को लेकर सतर्कता बरतने की आवश्यकता जताई है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान माइनस तक गिरने से फसलों और बागबानी पर असर पड़ सकता है। किसानों को सुझाव दिया गया है कि वे ठंड से प्रभावित फसलों और पौधों की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएं।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने भी नागरिकों को सर्दियों में सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड के चलते सड़क मार्ग और ट्रेकिंग रूट पर सतर्क रहना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी और ठंडक का यह पैटर्न सर्दियों की सामान्य प्रवृत्ति का हिस्सा है। ऐसे मौसम में ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े, हीटर और पर्याप्त आहार लेना जरूरी है।
इस तरह, हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम का मिजाज और अधिक ठंडा हो गया है। लाहौल-स्पीति और अन्य उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान माइनस में दर्ज होने से लोगों को सर्दियों की कड़ाके की ठंड का अनुभव हो रहा है।

