एशियन गेम्स खिलाड़ी अब हिमाचल सरकार की नौकरी में शामिल, तकनीकी शिक्षा मंत्री ने प्रस्ताव रखा
हिमाचल प्रदेश में एशियन गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने इन खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का फैसला किया है। यह घोषणा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखने के बाद हुई।
सूत्रों के अनुसार, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश के खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एथलीटों को सरकारी नौकरी और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना उनकी क्षमता और मेहनत को सम्मानित करने के लिए जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि एशियन गेम्स खेल चुकी खिलाड़ियों को रोजगार देने की पहल की जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी केवल खेल के लिए नहीं बल्कि प्रदेश और देश के गौरव के लिए भी योगदान करते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में रोजगार प्रदान किया जाए।
इस फैसले के बाद मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ गई। खिलाड़ियों ने कहा कि यह कदम उनके प्रयासों और मेहनत को मान्यता देने जैसा है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा और उत्साह मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि खेलों में राज्य और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना खेलों को बढ़ावा देने और प्रतिभा को मान्यता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल खिलाड़ियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि प्रदेश में खेलों के प्रति युवाओं में रुचि और प्रतिस्पर्धा भी बढ़ाता है।
राज्य सरकार ने कहा कि खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया पारदर्शी और पात्रता के अनुसार होगी। इसके तहत केवल वही खिलाड़ी रोजगार के लिए चयनित होंगे जिन्होंने एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व किया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा, “खेलों में उत्कृष्टता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होती, यह समाज और प्रदेश के लिए गर्व की बात होती है। हम अपने खिलाड़ियों के योगदान को सम्मानित करने और उन्हें स्थायी रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
राजेश धर्माणी ने यह भी बताया कि सरकार इस पहल के जरिए हिमाचल प्रदेश में खेलों के क्षेत्र में निवेश और प्रतिभाओं को पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में अन्य खेलों के खिलाड़ी भी इसी तरह के लाभों के पात्र होंगे।
इस फैसले के बाद हिमाचल प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को रोजगार सुनिश्चित करने का संदेश स्पष्ट रूप से मिला है। मोरसिंघी हैंडबाल नर्सरी की एशियन गेम्स खिलाड़ी अब प्रदेश सरकार की नौकरी में शामिल होकर अपने भविष्य को सुरक्षित और प्रेरणादायक बना सकेंगी।

