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हिमाचल में बीपीएल सूची में बदलाव, अब 40% विकलांगता और 80 दिन मनरेगा वाले लोग भी पात्र

हिमाचल में बीपीएल सूची में बदलाव, अब 40% विकलांगता और 80 दिन मनरेगा वाले लोग भी पात्र

हिमाचल प्रदेश में बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) सूची में अब नए बदलाव किए गए हैं। प्रदेश के ग्रामीण विकास विभाग ने चौथे चरण के सर्वेक्षण के बाद नई बीपीएल पात्रता नियमावली अधिसूचित की है। नए नियमों के तहत अब 40 फीसदी विकलांगता वाले और मनरेगा में 80 दिन कार्य करने वाले लोग भी बीपीएल सूची में शामिल होने के पात्र होंगे।

पहले की नीति के अनुसार, बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए परिवार के मुखिया की विकलांगता 50 प्रतिशत होना अनिवार्य था। लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद इसे घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, पहले बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए मनरेगा में कम से कम 100 दिन का कार्य होना जरूरी था, अब इसे घटाकर 80 दिन कर दिया गया है।

ग्राम विकास विभाग के सचिव सीपाल रासू ने बताया कि यह कदम गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को अधिक समावेशी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि नई नीति से अब और अधिक परिवार बीपीएल सूची में शामिल हो सकेंगे, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा लाभों का लाभ मिलेगा।

इसके अलावा, नई नियमावली में पहली बार एक विशेष श्रेणी को भी बीपीएल सूची में शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह श्रेणी उन परिवारों की है जो विशेष परिस्थितियों के कारण आर्थिक रूप से कमजोर हैं लेकिन पहले बीपीएल मानदंडों के तहत पात्र नहीं माने जाते थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि नए नियमों से हिमाचल प्रदेश में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों की संख्या में सही आंकड़ा सामने आएगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बीपीएल सूची में अधिक समावेशन से सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

स्थानीय निवासियों ने इस बदलाव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पहले कई योग्य परिवार बीपीएल सूची में शामिल नहीं हो पाते थे, लेकिन अब नए नियमों के साथ उन्हें सरकारी सहायता, खाद्यान्न वितरण और अन्य योजनाओं का लाभ मिलेगा।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बीपीएल सूची में सुधार से गरीबी उन्मूलन और सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नई नियमावली के अनुसार सटीक और पारदर्शी सर्वेक्षण सुनिश्चित करें।

इस तरह, हिमाचल प्रदेश में बीपीएल सूची में बदलाव न केवल विकलांग और गरीब लोगों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि यह सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

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