गैंगस्टर हिमांशु भाऊ कौन है? रोहतक के रिटौली गांव से अपराध की दुनिया तक का सफर
हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव से जुड़ा गैंगस्टर हिमांशु भाऊ हत्या, रंगदारी और संगठित अपराध से जुड़े मामलों के कारण चर्चा में रहा है। अमेरिका में हिरासत में लिए जाने की खबर के बाद एक बार फिर उसके आपराधिक सफर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उसके नाम के साथ किशोर सुधार गृह से फरार होने और विदेश में रहकर कथित तौर पर आपराधिक नेटवर्क चलाने जैसे आरोप भी जुड़े हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आरोपों और अदालत में साबित हुए अपराधों के बीच अंतर करना जरूरी है। हिमांशु भाऊ से जुड़े अलग-अलग मामलों की वास्तविक स्थिति संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और न्यायिक कार्यवाही से स्पष्ट होती है।
15 साल की उम्र में पहली बार पुलिस रिकॉर्ड में आया नाम
हिमांशु भाऊ का असली नाम हिमांशु रिटोलिया बताया जाता है। वह रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, अप्रैल 2018 में करीब 15 साल की उम्र में उसका नाम पहली बार एक झगड़े और मारपीट से जुड़े मामले में सामने आया था। शुरुआती दिनों में वह कबड्डी भी खेलता था, लेकिन बाद में उसका नाम आपराधिक गतिविधियों से जुड़ने लगा।
किशोर सुधार गृह से फरार होने का मामला
हिमांशु भाऊ के आपराधिक सफर में साल 2020 को अहम माना जाता है। पुलिस के अनुसार, हत्या के प्रयास से जुड़े एक मामले में पकड़े जाने के बाद उसे हिसार के किशोर सुधार गृह में रखा गया था। इसी दौरान वह अन्य बंदियों के साथ वहां से फरार हो गया। पुलिस ने बाद में कई फरार बंदियों को पकड़ लिया, लेकिन हिमांशु भाऊ लंबे समय तक गिरफ्त से बाहर रहा।
इसके बाद उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, अपहरण और आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर मामलों में नाम सामने आया। पुलिस का आरोप है कि उसने कारोबारियों और अन्य लोगों को धमकाकर पैसे वसूलने के लिए अपना नेटवर्क तैयार किया। हालांकि, अलग-अलग मामलों में आरोपों की कानूनी स्थिति अलग हो सकती है।
विदेश भागने और इंटरपोल नोटिस की कहानी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हिमांशु भाऊ ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया और अगस्त 2022 में भारत छोड़ दिया। उसके विदेश जाने और अलग-अलग देशों में रहने को लेकर मीडिया रिपोर्टों में कई जानकारियां सामने आई हैं। अगस्त 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड नोटिस जारी किया गया था।
पुलिस का आरोप है कि विदेश में रहते हुए भी वह भारत में अपने कथित गिरोह के सदस्यों के संपर्क में था। इस गिरोह पर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में कारोबारियों को रंगदारी के लिए धमकाने तथा इनकार करने पर गोलीबारी कराने जैसे आरोप लगे हैं। उसका नाम दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में हुई हत्या और गुरुग्राम में यूट्यूबर एल्विश यादव के घर के बाहर हुई गोलीबारी जैसे मामलों की जांच में भी सामने आया है। इन मामलों में किसी व्यक्ति की भूमिका का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होगा।
लास वेगास में हिरासत, भारत लाने की तैयारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को अमेरिका के लास वेगास इलाके में अमेरिकी एजेंसियों ने हिमांशु भाऊ और उसके कथित सहयोगी नीरज फरीदपुरिया को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई में हरियाणा एसटीएफ से मिली जानकारी की भूमिका बताई गई है। भारतीय एजेंसियां अब अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर उसे भारत लाने की कानूनी प्रक्रिया पर काम कर रही हैं।
हिमांशु भाऊ की हिरासत को भारतीय जांच एजेंसियों के लिए अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। यदि उसे भारत लाया जाता है, तो उससे जुड़े मामलों की जांच और कथित आपराधिक नेटवर्क के बारे में आगे जानकारी मिल सकती है। फिलहाल, भारत वापसी की प्रक्रिया और विभिन्न मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

