मानेसर IMT में वेतन आंदोलन के दौरान हिंसा का मामला, वीडियो में देंखे व्हाट्सएप ग्रुप्स से भड़की भीड़; 61 गिरफ्तार
IMT Manesar में 9 अप्रैल को सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर पुलिस जांच में नए खुलासे सामने आए हैं। जांच के अनुसार, कर्मचारियों और मजदूरों के व्हाट्सएप ग्रुप्स में किए गए कुछ संदेशों के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई थी। पुलिस के मुताबिक, इन ग्रुप्स में विभिन्न कंपनियों के कर्मचारी और मजदूर जुड़े हुए थे, और इन्हीं संदेशों के बाद भीड़ उग्र हो गई तथा कई जगहों पर पथराव की घटनाएं हुईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
📱 सोशल मीडिया मैसेज से भड़की हिंसा
जांच एजेंसियों का कहना है कि कुछ बाहरी लोगों ने इन व्हाट्सएप ग्रुप्स में भड़काऊ संदेश भेजकर कर्मचारियों को उकसाने का काम किया। इन संदेशों के बाद भीड़ का आक्रोश बढ़ा और प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा।पुलिस का दावा है कि कुछ संदेशों में कंपनियों को नुकसान पहुंचाने और पेट्रोल बम जैसी घटनाओं की योजना का भी जिक्र किया गया था। हालांकि, इन दावों की विस्तृत जांच अभी जारी है।
🔥 आगजनी और तोड़फोड़ के मामले
हिंसा के दौरान कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी दर्ज की गईं। औद्योगिक क्षेत्र में स्थिति कुछ समय के लिए पूरी तरह तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया।
🚓 61 गिरफ्तारियां, कई को जमानत
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक कुल 61 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें 15 महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया है, जबकि अन्य से पूछताछ जारी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल मुख्य आरोपियों और उकसाने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🗣️ पुलिस का बयान
अधिकारियों ने बताया कि यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि हिंसा किसी संगठित साजिश का हिस्सा थी या अचानक भड़का हुआ आक्रोश। प्रारंभिक जांच में बाहरी तत्वों की भूमिका की बात सामने आई है, जो मजदूरों को उकसाने में शामिल थे।पुलिस ने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
⚠️ जांच जारी
फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां व्हाट्सएप ग्रुप्स, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं ताकि हिंसा के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाया जा सके।

