गुरुग्राम-फरीदाबाद की तीन सड़कों पर लगेगा टोल, उद्यमियों ने जताई नाराजगी
एनसीआर के गुरुग्राम-फरीदाबाद क्षेत्र में सफर करने वाले वाहन चालकों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। क्षेत्र की तीन प्रमुख सड़कों पर अब टोल टैक्स चुकाना पड़ सकता है। इन मार्गों के लिए अधिकतम 350 रुपये तक का टोल शुल्क निर्धारित किए जाने की जानकारी सामने आई है। टोल व्यवस्था लागू होने की खबर के बाद स्थानीय उद्यमियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
उद्यमियों का कहना है कि गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग कारोबार और रोजगार के सिलसिले में आवागमन करते हैं। ऐसे में प्रमुख सड़कों पर टोल लगाए जाने से कंपनियों, कर्मचारियों और माल ढुलाई से जुड़े कारोबारियों की लागत बढ़ सकती है।
तीन प्रमुख मार्गों पर टोल की तैयारी
गुरुग्राम-फरीदाबाद क्षेत्र में जिन तीन सड़कों पर टोल लगाए जाने की बात सामने आई है, उनका इस्तेमाल रोजाना बड़ी संख्या में वाहन करते हैं। इन मार्गों के जरिए औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास के इलाकों के बीच आवागमन होता है।
टोल शुल्क वाहन के प्रकार और संबंधित श्रेणी के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अधिकतम शुल्क 350 रुपये तक निर्धारित किया गया है। हालांकि अलग-अलग वाहनों के लिए वास्तविक दरें संबंधित टोल नीति और निर्धारित श्रेणी के आधार पर लागू होंगी।
उद्यमियों ने शुरू किया विरोध
टोल लगाए जाने की खबर के बाद औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों ने इसका विरोध जताया है। उनका कहना है कि पहले से ही परिवहन और संचालन लागत बढ़ी हुई है। ऐसे में रोजाना इस्तेमाल होने वाले मार्गों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से उद्योगों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
उद्यमियों के मुताबिक, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच कई औद्योगिक इकाइयों का कारोबार जुड़ा हुआ है। कर्मचारियों, कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही के लिए इन सड़कों का इस्तेमाल होता है। टोल लागू होने के बाद रोजाना आने-जाने वाले वाहनों का खर्च बढ़ने की संभावना है।
वाहन चालकों पर भी पड़ेगा असर
टोल व्यवस्था लागू होने का असर केवल औद्योगिक वाहनों पर ही नहीं, बल्कि निजी वाहन चालकों पर भी पड़ सकता है। रोजाना नौकरी या कारोबार के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, टोल की दरें लागू होने के बाद कुछ वाहन चालक वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आसपास की दूसरी सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने की संभावना भी बनी रह सकती है।
दरों को लेकर बनी नजर
फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा अधिकतम 350 रुपये तक के टोल शुल्क को लेकर है। हालांकि वाहन की श्रेणी के अनुसार वास्तविक शुल्क अलग हो सकता है। टोल व्यवस्था कब से लागू होगी और किस मार्ग पर किस श्रेणी के वाहन से कितना शुल्क लिया जाएगा, इसे लेकर अंतिम आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
उद्यमी संगठन टोल व्यवस्था के विरोध में अपनी मांग प्रशासन के सामने रखने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि फैसला लागू करने से पहले उद्योगों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव पर भी विचार किया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि प्रशासन और उद्यमियों के बीच इस मुद्दे पर आगे क्या सहमति बनती है।

