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नौ बेटियों के बाद बेटे का जन्म, उचाना में खुशी से झूमा पूरा गांव

नौ बेटियों के बाद बेटे का जन्म, उचाना में खुशी से झूमा पूरा गांव

हरियाणा के जींद जिले के उचाना क्षेत्र में एक परिवार में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब नौ बेटियों के बाद बेटे का जन्म हुआ। नागरिक अस्पताल में रीतु ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया, जिसका नाम परिवार ने दिलखुश रखा है। इस खुशखबरी के बाद न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे गांव में जश्न का माहौल देखने को मिला।

परिजनों के अनुसार, यह परिवार की 11वीं डिलीवरी थी। मां रीतु और नवजात बेटा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। अस्पताल प्रशासन ने भी मां-बच्चे की स्थिति सामान्य बताते हुए जरूरी देखभाल की जानकारी दी है। जैसे ही बेटे के जन्म की खबर गांव में फैली, रिश्तेदारों और ग्रामीणों का तांता लग गया और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

बच्चे के पिता सुरेंद्र ने भावुक होते हुए इसे भगवान का आशीर्वाद बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से लोग बेटे की कामना कर रहे थे और आखिरकार ईश्वर ने उनकी सुन ली। सुरेंद्र ने बताया कि बेटियां भी परिवार की शान हैं और सभी बेटियां पढ़ी-लिखी और संस्कारी हैं। बेटे के जन्म से परिवार की खुशी जरूर बढ़ी है, लेकिन बेटियों को लेकर उन्हें कभी कोई पछतावा नहीं रहा।

गांव के लोगों का कहना है कि इतने वर्षों बाद बेटे के जन्म से परिवार में उत्सव जैसा माहौल है। कुछ ग्रामीणों ने इसे किस्मत और ईश्वर की कृपा बताया, तो वहीं कई लोगों ने मां रीतु के साहस और धैर्य की सराहना की। नौ बेटियों को जन्म देने और उनका पालन-पोषण करने के बाद भी रीतु का हौसला कभी नहीं टूटा।

हालांकि, यह घटना समाज में बेटे को लेकर आज भी मौजूद सोच को भी उजागर करती है। जहां एक ओर सरकारें ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियानों के जरिए बेटियों के सम्मान और अधिकारों की बात कर रही हैं, वहीं बेटे के जन्म पर होने वाला उत्सव यह सवाल भी खड़ा करता है कि क्या समाज की सोच में अब भी बदलाव की जरूरत है।

फिलहाल, परिवार बेटे के आगमन से बेहद खुश है और नागरिक अस्पताल में मिठाइयां बांटी गईं। डॉक्टरों के मुताबिक, मां और बच्चा जल्द ही अस्पताल से छुट्टी लेकर घर जाएंगे। उचाना में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग परिवार को शुभकामनाएं दे रहे हैं।

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