उचाना खुर्द गांव में रहने वाली रितु ने बेटे की चाह में अब तक 11 बच्चे को जन्म दिया। सोमवार को उचाना के नागरिक अस्पताल में रितु को पुत्र जन्म हुआ, जिससे पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। नवजात का नाम दिलखुश रखा गया है। जानकारी के अनुसार, रितु की 24 साल पहले सुरेंद्र से शादी हुई थी। सुरेंद्र एक दिहाड़ी मजदूर हैं। प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्हें नागरिक अस्पताल लाया गया। अस्पताल स्टाफ ने समय पर और सुरक्षित नार्मल डिलीवरी कराई। विशेष रूप से नर्स सुमन लता ने रितु का ध्यान रखते हुए प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
जैसे ही बेटे के जन्म की खबर मिली, रितु के पति सुरेंद्र और परिवार के अन्य सदस्य खुशी से झूम उठे। ग्रामीणों और परिवार ने नवजात की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए आभार व्यक्त किया। विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बच्चों के जन्म के बाद भी सुरक्षित प्रसव और माता की देखभाल के लिए अस्पतालों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। रितु और नवजात दिलखुश की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल संतोषजनक बताई जा रही है। यह प्रसंग ग्रामीण जीवन और परिवार की खुशियों की झलक प्रस्तुत करता है, जहां लंबे समय से बेटे की प्रतीक्षा के बाद परिवार को आखिरकार खुशियों की सौगात मिली।

