हरियाणा के NCR जिलों में लागू हुआ ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम, बिना वैध प्रमाणपत्र नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल और CNG
हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR में शामिल प्रदेश के जिलों में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब इन जिलों में ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम लागू कर दिया गया है। इसके तहत जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र यानी PUCC नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं दिया जाएगा।
सरकार के इस फैसले का सीधा असर NCR क्षेत्र में चलने वाले वाहन चालकों पर पड़ेगा। अब ईंधन भरवाने के लिए वाहन का वैध PUCC होना जरूरी होगा। नियम का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर नियंत्रण रखना और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है।
क्या है ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम
‘नो PUC, नो फ्यूल’ का मतलब है कि बिना वैध Pollution Under Control Certificate वाले वाहन को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं मिलेगा। वाहन चालक को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके वाहन का PUCC वैध है। प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने पर पहले उसका प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र बनवाना होगा, इसके बाद ही ईंधन लेने में परेशानी नहीं होगी।
यह व्यवस्था पेट्रोल और डीजल के साथ CNG वाहनों पर भी लागू होगी। यानी वाहन चाहे किसी भी प्रकार के ईंधन से चलता हो, वैध PUCC रखना जरूरी होगा।
किन इलाकों में लागू होगा नियम
हरियाणा के NCR में शामिल जिलों में इस व्यवस्था को लागू किया गया है। इन क्षेत्रों में दिल्ली-NCR से जुड़े होने के कारण प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पहले से ही कई तरह के नियम लागू होते रहे हैं। अब ईंधन बिक्री को PUCC से जोड़ने के बाद वाहन प्रदूषण की निगरानी और सख्त होने की उम्मीद है।
इस कदम से वाहन चालकों को अपने वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच कराने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। खासतौर पर पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर इसका असर पड़ सकता है।
वाहन चालकों को क्या करना होगा
वाहन मालिकों को सबसे पहले अपने PUCC की वैधता जांचनी होगी। अगर प्रमाणपत्र एक्सपायर हो चुका है तो अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर वाहन की जांच कराकर नया प्रमाणपत्र लेना होगा। वाहन का प्रदूषण निर्धारित मानकों के भीतर पाए जाने पर PUCC जारी किया जाता है।
वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे ईंधन भरवाने जाने से पहले अपने दस्तावेजों की वैधता जांच लें। PUCC समय पर रिन्यू नहीं कराने की स्थिति में पेट्रोल पंप पर ईंधन लेने में परेशानी हो सकती है।
प्रदूषण पर नियंत्रण की कोशिश
NCR में सर्दियों के दौरान प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। वाहनों से निकलने वाला धुआं भी वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों में शामिल है। ऐसे में सरकार का यह कदम वाहनों के प्रदूषण उत्सर्जन पर निगरानी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
‘नो PUC, नो फ्यूल’ व्यवस्था के जरिए सरकार वाहन मालिकों को प्रदूषण जांच के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में इस नियम के पालन की निगरानी और सख्त किए जाने की संभावना है।

