गुरुग्राम की 50% से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों पर बंदी का खतरा, 30 सितंबर तक उपकरण लगाने का अल्टीमेटम
गुरुग्राम में 50 फीसदी से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों पर संचालन बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने इन औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े एक विशेष उपकरण यानी यंत्र को लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उद्योगों को 30 सितंबर तक की अंतिम समय सीमा दी गई है। तय समय तक आवश्यक व्यवस्था नहीं करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
उद्योगों को उपकरण लगाने के निर्देश
प्रशासन की ओर से औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित मानकों का पालन करने और संबंधित उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
बताया जा रहा है कि गुरुग्राम की बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों ने अभी तक आवश्यक उपकरण नहीं लगाए हैं। ऐसे में प्रशासन ने सभी संबंधित इकाइयों को तय समय सीमा के भीतर व्यवस्था पूरी करने को कहा है।
30 सितंबर तक दिया गया समय
औद्योगिक इकाइयों को उपकरण लगाने के लिए 30 सितंबर तक का अंतिम समय दिया गया था। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद नियमों का पालन नहीं करने वाली इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई में संबंधित औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर रोक लगाने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में उद्योगों के सामने अपना काम निर्धारित मानकों के अनुरूप करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन अब यह जांच कर सकता है कि कितनी औद्योगिक इकाइयों ने निर्धारित उपकरण लगा लिए हैं और कितनी इकाइयां अभी भी नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर संबंधित इकाइयों को कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
औद्योगिक संगठनों और इकाई संचालकों के लिए अब प्राथमिकता तय समय सीमा के भीतर आवश्यक उपकरण लगाने और प्रशासन की ओर से निर्धारित मानकों को पूरा करने की है। आने वाले दिनों में जांच और कार्रवाई के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

