हरियाणा के करनाल में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 7 एकड़ में खड़ी धान की फसल नष्ट
Karnal जिले में कृषि विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। जिले के संगोहा गांव में लगभग 7 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी धान की पौध को ट्रैक्टर की मदद से नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई निर्धारित बुवाई नियमों का उल्लंघन पाए जाने के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के तहत धान की बुवाई 15 मई के बाद ही करने की अनुमति होती है, ताकि जल संरक्षण और भूजल स्तर पर नियंत्रण रखा जा सके। लेकिन संबंधित खेतों में इससे पहले ही धान की पौध तैयार कर ली गई थी, जो नियमों के खिलाफ पाया गया।
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम
कृषि विभाग की टीम जब निरीक्षण के लिए मौके पर पहुंची तो पाया गया कि कई किसानों ने निर्धारित समय से पहले ही धान की नर्सरी तैयार कर ली है। इसके बाद विभाग ने नियमों का हवाला देते हुए पूरी फसल को नष्ट करने का आदेश दिया।
टीम ने मौके पर ट्रैक्टर बुलाकर लगभग 7 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में खड़ी पौध को नष्ट कराया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में जल संरक्षण नीति को सख्ती से लागू करने के लिए की गई है।
जल संरक्षण को लेकर सरकार की नीति
हरियाणा सरकार लंबे समय से भूजल स्तर गिरने की समस्या से निपटने के लिए धान की बुवाई पर नियंत्रण की नीति अपना रही है। इस नीति के तहत किसानों को निर्धारित तारीख के बाद ही धान की बुवाई की अनुमति दी जाती है, ताकि पानी की अत्यधिक खपत को रोका जा सके।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की अगेती बुवाई से भूजल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे लंबे समय में पानी की गंभीर कमी हो सकती है।
किसानों में नाराजगी
इस कार्रवाई के बाद कुछ किसानों में नाराजगी भी देखी गई। उनका कहना है कि फसल तैयार करने में मेहनत और खर्च दोनों लगे थे, लेकिन अचानक हुई कार्रवाई से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, प्रशासन का कहना है कि नियम सभी के लिए समान हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए इनका पालन जरूरी है।
विभाग का सख्त संदेश
कृषि विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा का पालन करें, ताकि किसी भी तरह की कार्रवाई या आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

