अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने आज 17 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विधि विरुद्ध अपराध करने वाले चार बच्चों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 56 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
इसके अलावा मामले में एक आरोपी अंकित बालिग है। अदालत ने उसके मामले में फैसला सुनाने के लिए 21 अप्रैल को सुनवाई तय की है। विशेष लोक अभियोजक विजेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की सूचना 2 अप्रैल 2023 को खरखौदा पुलिस को दी गई थी। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि उसकी बेटी सरकारी स्कूल में 12वीं की छात्रा है।
सीसीएल कौन है
“ऐसा बच्चा जिस पर कोई अपराध करने का आरोप है या ऐसा पाया गया है कि उसने ऐसा अपराध करने की तिथि पर 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है, उसे किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के अनुसार कानून के साथ संघर्षरत बच्चा (सीसीएल) के रूप में परिभाषित किया गया है।” -- विजेंद्र सिंह, विशेष लोक अभियोजक उसकी बेटी ने उसे बताया कि उसका सहपाठी एक लड़का उसे 31 मार्च, 2023 को किताबें दिलाने के बहाने खरखौदा में अपने दोस्त के घर बुलाया था।

