गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को मिली नई मंजूरी: रेलवे स्टेशन तक बढ़ेगा रूट, लागत बढ़कर पहुंची ₹8500 करोड़
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। हरियाणा कैबिनेट ने ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो कॉरिडोर को सेक्टर-5 से रेलवे स्टेशन तक 1.80 किलोमीटर आगे बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इस विस्तार परियोजना पर लगभग 454.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस फैसले के बाद गुरुग्राम के पुराने शहर क्षेत्र को बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन की पहुंच मजबूत करना है।
हालांकि इस परियोजना की लागत में भारी बढ़ोतरी भी सामने आई है। शुरुआती अनुमान के अनुसार परियोजना की कुल लागत करीब 5452 करोड़ रुपये थी, लेकिन लगभग 6 साल की देरी, तकनीकी बदलावों और निर्माण लागत बढ़ने के कारण अब यह बढ़कर करीब 8500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की महत्वपूर्ण परिवहन योजनाओं में माना जाता है। तेजी से बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए इस परियोजना को शहर की यातायात व्यवस्था के लिए अहम माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बढ़ी हुई लागत को पूरा करने के लिए अब विश्व बैंक से संशोधित ऋण (लोन) लिया जाएगा। इसके लिए वित्तीय और तकनीकी प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि परियोजना में देरी के कारण न केवल लागत बढ़ी है, बल्कि शहर के लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने में भी लंबा इंतजार करना पड़ा है। हालांकि अब नए विस्तार को मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
मेट्रो विस्तार के पूरा होने के बाद रेलवे स्टेशन, पुराने गुरुग्राम और प्रमुख रिहायशी इलाकों के बीच यात्रा अधिक आसान और तेज हो सकेगी। साथ ही इससे सड़क यातायात पर दबाव कम होने की भी संभावना है।
फिलहाल परियोजना के संशोधित बजट और फंडिंग व्यवस्था को लेकर प्रक्रिया जारी है और आने वाले समय में निर्माण कार्य की नई समयसीमा भी तय की जा सकती है।

