Gurugram Double Death Case: AI इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक और सहकर्मी इशाका की मौत से सनसनी, पुलिस जांच में जुटी
गुरुग्राम में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एआई इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक और उनकी सहकर्मी इशाका की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दोनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, इशाका का शव उसके पीजी के कमरे से बरामद हुआ, जबकि श्रेष्ठ मलिक का शव रेलवे ट्रैक पर दो हिस्सों में मिला। दोनों घटनाओं के बीच किसी तरह का संबंध है या नहीं, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पीजी कमरे में मिला इशाका का शव
बताया जा रहा है कि इशाका गुरुग्राम में पीजी में रह रही थी। जब उसके कमरे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे से शव बरामद किया और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
रेलवे ट्रैक पर मिला श्रेष्ठ का शव
वहीं, एआई इंजीनियर श्रेष्ठ मलिक का शव रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस के अनुसार, शव दो हिस्सों में मिला, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई।
रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस दोनों ही मामले की जांच में जुटी हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि श्रेष्ठ की मौत दुर्घटना है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
दोनों मौतों के बीच कनेक्शन की जांच
दोनों घटनाओं ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि श्रेष्ठ और इशाका के बीच क्या संबंध था और क्या दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं।
जांच के तहत दोनों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है।
परिजनों और परिचितों से पूछताछ
पुलिस दोनों मृतकों के परिजनों और दोस्तों से जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
गुरुग्राम जैसे कॉरपोरेट हब में काम करने वाले दो युवाओं की संदिग्ध मौत ने लोगों को हैरान कर दिया है। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले में जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों मौतों के पीछे की असली वजह क्या थी।

