गफ्फार ने फर्जी हिंदू मोनू राणा बन महिला को प्रेम जाल में फंसाया, फिर शारीरिक शोषण कर वीडियो बनाया करने लगा ब्लैकमेल, पुलिस ने भेजा जेल
हरियाणा के करनाल से एक सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक मुस्लिम युवक ने मोनू राणा नाम से फर्जी हिंदू पहचान बनाकर एक शादीशुदा हिंदू महिला को प्रेम जाल में फंसाया। आरोपी ने महिला के साथ शारीरिक शोषण किया और उसका वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की।
महिला ने पुलिस को शिकायत में बताया कि आरोपी ने उसके साथ विश्वास का फायदा उठाया और धीरे-धीरे दबाव डालते हुए पैसे भी ऐंठे। इसके साथ ही आरोपी ने मारपीट और धमकी देकर महिला को डराने की कोशिश की। पीड़िता मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान हो गई और न्याय की गुहार के साथ पुलिस का रुख किया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत साइबर और अपराध शाखा को इस मामले में शामिल किया। जांच के दौरान आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी गफ्फार के खिलाफ आईटी एक्ट, ब्लैकमेलिंग, शारीरिक उत्पीड़न और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया और उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामले केवल व्यक्तिगत अपराध नहीं हैं, बल्कि सामाजिक और मानसिक सुरक्षा को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी पहचान बनाकर किसी को फंसाना गंभीर अपराध है और इसकी सजा भी कड़ी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अपराधों में आरोपी अक्सर विश्वास और संबंधों का दुरुपयोग करते हैं। ब्लैकमेल और धमकी के जरिए पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक रूप से परेशान किया जाता है। ऐसे मामलों में समय रहते शिकायत करना और सबूत सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ निजी और संवेदनशील जानकारी साझा करना खतरनाक हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि घर और व्यक्तिगत जीवन में डिजिटल सुरक्षा के सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी है।
करनाल पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को इस तरह के ब्लैकमेल या धमकी के मामले का सामना करना पड़े तो झूठे दबाव में न आएं और तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
यह मामला यह स्पष्ट करता है कि फर्जी पहचान बनाकर प्रेम जाल और ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाएं न केवल व्यक्तिगत जीवन बल्कि समाज की सुरक्षा और मानसिक शांति को भी प्रभावित करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल और वास्तविक दुनिया में सतर्कता, कानूनी जागरूकता और सामाजिक चेतना के बिना ऐसे अपराध लगातार बढ़ सकते हैं।
करनाल पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपी के खिलाफ पूरी तरह कानूनी कार्रवाई होगी और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला समाज और प्रशासन को यह याद दिलाता है कि विश्वास का दुरुपयोग और डिजिटल अपराधों पर नजर रखना अब अत्यंत आवश्यक है।

