गुरुग्राम में गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, वीडियो में जाने ट्रक से 673 किलो गांजा बरामद; कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये
हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने राजीव चौक के पास घेराबंदी कर एक टाटा ट्रक से 673 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1.25 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, गांजे की यह खेप ओडिशा से लाई जा रही थी और इसे राजस्थान के भिवाड़ी में सप्लाई किया जाना था।इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक और हेल्पर को गिरफ्तार किया है। दो आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
राजीव चौक के पास घेराबंदी कर पकड़ा ट्रक
पुलिस के अनुसार, तस्करी की सूचना के आधार पर राजीव चौक के पास घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान संदिग्ध टाटा ट्रक को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रक से 673 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।पुलिस ने गांजे की खेप जब्त कर ट्रक में सवार दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में सामने आया कि गांजा ओडि से लाया जा रहा था। इसकी सप्लाई राजस्थान के भिवाड़ी में की जानी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की खेप कहां से खरीदी गई और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
ट्रक मालिक ही कर रहा था तस्करी की डील
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साबिर (34) और सनावर के रूप में हुई है। साबिर राजस्थान के खैरथल जिले के उदयपुर गांव का रहने वाला है, जबकि हेल्पर सनावर किशनगढ़ निवासी बताया गया है।पुलिस के मुताबिक, साबिर ट्रक का मालिक भी है। उसने कथित तौर पर गांजे की खेप का सौदा तय करने के लिए फ्लाइट से ओडिशा की यात्रा की थी। इसके बाद गांजे को ट्रक के जरिए राजस्थान पहुंचाने की योजना बनाई गई।जांच में यह भी सामने आया कि साबिर ने सनावर को ट्रक पर हेल्पर के रूप में रखा हुआ था। इसके लिए उसे 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हेल्पर को तस्करी की पूरी जानकारी थी या नहीं और इस मामले में उसकी क्या भूमिका रही।
1.25 करोड़ रुपये बताई जा रही कीमत
पुलिस के अनुसार, जब्त किए गए 673 किलोग्राम गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब सवा करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी के बाद पुलिस तस्करी के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ओडिशा में गांजे की खेप किसने उपलब्ध कराई थी और राजस्थान में इसे कौन प्राप्त करने वाला था। इसके साथ ही, ट्रक के इस्तेमाल और आरोपियों की यात्रा से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस
फिलहाल, गुरुग्राम पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का उद्देश्य तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाना और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है।जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इससे पहले इस तरह की कितनी खेपों की सप्लाई की गई थी और क्या आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के लिए काम कर रहे थे। मामले में आगे की कार्रवाई पूछताछ और जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

