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कोलकाता की गलियों से वैश्विक शांति यात्रा तक: स्ट्रे डॉग ‘आलोका’ बना पीस का ब्रांड एंबेसडर, वीडियो में देंखे गुरुग्राम में उमड़ी भीड़

कोलकाता की गलियों से वैश्विक शांति यात्रा तक: स्ट्रे डॉग ‘आलोका’ बना पीस का ब्रांड एंबेसडर, वीडियो में देंखे गुरुग्राम में उमड़ी भीड़

एक साधारण सड़क पर भटकने वाला कुत्ता आज अंतरराष्ट्रीय शांति यात्रा का प्रतीक बन चुका है। कभी कोलकाता की गलियों में घूमने वाला एक स्ट्रे डॉग अब दुनिया भर में पहचान बना चुका है और उसे “पीस का ब्रांड एंबेसडर” कहा जा रहा है। इस अनोखे डॉग का नाम रखा गया है ‘आलोका’।यह कहानी सिर्फ एक जानवर की नहीं, बल्कि इंसान और प्रकृति के बीच जुड़ाव और शांति के संदेश की भी मिसाल बन गई है। आलोका ने भारत समेत कई देशों में हजारों किलोमीटर की यात्रा पैदल तय की है और हाल ही में वह गुरुग्राम पहुंचा, जहां उसका जोरदार स्वागत हुआ।

गुरुग्राम के एक होटल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में आलोका से मिलने के लिए हजारों लोग उमड़ पड़े। पशु प्रेमियों और प्रशंसकों ने उसके साथ तस्वीरें खिंचवाईं, उसे गले लगाया और इस अनोखे अनुभव को यादगार बनाया। कई लोगों ने उसे प्यार से सहलाया, जबकि कुछ फैंस ने उसके पंजे के निशान को “ऑटोग्राफ” के रूप में सुरक्षित रखा।कार्यक्रम में एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला, जहां एक प्रशंसक आलोका के सामने बैठकर हाथ जोड़कर उसे प्रणाम करता नजर आया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, आलोका ने अमेरिका सहित चार देशों में बौद्ध भिक्षुओं के साथ “वॉक फॉर पीस” अभियान के तहत लगभग 3700 किलोमीटर की पैदल यात्रा की है। यह यात्रा शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश को दुनिया भर में फैलाने के उद्देश्य से की गई थी।बौद्ध भिक्षु Pannakara Bhikkhu ने बताया कि आलोका पहले कोलकाता की सड़कों पर एक आवारा कुत्ते के रूप में घूमता था। एक शांति यात्रा के दौरान उनकी आलोका से मुलाकात हुई, जिसके बाद यह अनोखा साथी उनके अभियान का हिस्सा बन गया।

इसके बाद आलोका ने कई देशों में उनके साथ यात्रा की और शांति का संदेश लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस यात्रा के दौरान लोगों ने उसे सिर्फ एक जानवर के रूप में नहीं, बल्कि एक भावनात्मक और प्रेरणादायक प्रतीक के रूप में देखा।पशु प्रेमियों का कहना है कि आलोका की कहानी यह दर्शाती है कि प्रेम, करुणा औरसही अवसर मिलने पर कोई भी जीवन असाधारण बन सकता है। वहीं विशेषज्ञ इसे मानव और पशु के बीच गहरे संबंध और सामाजिक संदेशों के प्रभावी प्रसार का उदाहरण मान रहे हैं। फिलहाल आलोका की यात्रा और उसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, और वह अब वैश्विक शांति अभियानों का एक जाना-पहचाना चेहरा बन चुका है।

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