धान खरीद को लेकर किसानों का हंगामा, गुरनाम सिंह चढ़ूनी बोले- ‘देश का पेट पालने वालों पर बमबारी हुई, जब तक मांग नहीं मानी जाएगी यहीं रहेंगे’
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर किसानों और पुलिस के बीच मंगलवार को टकराव हो गया। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के नेतृत्व में किसानों ने दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 की ओर कूच किया। पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की। किसानों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े।
घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश का पेट पालने वाले किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए। चढ़ूनी ने कहा, “हम पाकिस्तानी नहीं हैं।” उन्होंने दावा किया कि किसानों को रोकने के लिए सैकड़ों गोले दागे गए, पानी की बौछार की गई और लाठीचार्ज भी किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पैर में चोट आई है।
किसानों की मुख्य मांग धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने की है। किसान नेताओं का कहना है कि मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। बीकेयू चढ़ूनी ने पहले सरकार से 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने की मांग की थी। मांग पूरी नहीं होने पर 22 सितंबर को हाईवे जाम करने का ऐलान किया गया था।
मंगलवार को किसानों और कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बैठक हुई, लेकिन बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद किसान हाईवे की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने बराड़ा रोड पर बैरिकेडिंग की। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पार कर फ्लाईओवर तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पीछे हटाया। बाद में किसानों ने बराड़ा रोड पर धरना शुरू कर दिया।
प्रशासन का कहना है कि हरियाणा सरकार पहले ही केंद्र से धान की सरकारी खरीद जल्द शुरू करने का अनुरोध कर चुकी है और केंद्र के जवाब का इंतजार है। पुलिस के मुताबिक, हाईवे पर यातायात बाद में बहाल कर दिया गया। वहीं चढ़ूनी ने कहा कि जब तक किसानों की मांग नहीं मानी जाती, आंदोलन जारी रहेगा और किसान मौके पर ही डटे रहेंगे।

