Samachar Nama
×

यमुनानगर में सेना की बोट हादसा: 15 घंटे बाद भी दो जवान लापता, वीडियो में जाने हेलिकॉप्टर और SDRF की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी

यमुनानगर में सेना की बोट हादसा: 15 घंटे बाद भी दो जवान लापता, वीडियो में जाने हेलिकॉप्टर और SDRF की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी

हरियाणा के यमुनानगर जिले में हथिनीकुंड बैराज के पास मंगलवार शाम हुए सेना की बोट हादसे में लापता हुए दो जवानों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। घटना के करीब 15 घंटे बाद भी सेना, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें लगातार खोज अभियान चला रही हैं। तेज बहाव और अंधेरे के बावजूद मंगलवार शाम 5 बजे शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन पूरी रात जारी रहा।लापता जवानों की तलाश के लिए हेलिकॉप्टर से भी निगरानी की गई। हरियाणा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की एसडीआरएफ टीमें भी बचाव अभियान में जुटी हुई हैं। इसके अलावा स्थानीय गोताखोरों की मदद भी ली जा रही है। प्रशासन ने यमुना नदी और उससे निकलने वाली नहरों के आसपास विशेष निगरानी बढ़ा दी है।

नहरों में पानी कम कर दोबारा चलेगा अभियान

हथिनीकुंड बैराज से निकलने वाली पूर्वी और पश्चिमी यमुना नहरों के किनारों पर सर्च लाइटों के जरिए रातभर जवानों की तलाश की गई। अधिकारियों के अनुसार, आज नहरों में पानी की सप्लाई कम करके दोबारा बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जाएगा, ताकि तेज बहाव वाले क्षेत्रों में भी जवानों का पता लगाया जा सके।रेस्क्यू टीमों का पूरा ध्यान पश्चिमी यमुना नहर (डब्ल्यूजेसी) और बैराज के आसपास के क्षेत्रों पर है, क्योंकि हादसे के बाद पानी का बहाव काफी तेज था और जवान इसी दिशा में बह गए थे।

बाढ़ बचाव अभ्यास के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा सेना की वन पैरा स्पेशल फोर्स के बाढ़ बव दल के अभ्यास के दौरान हुआ। अभ्यास के दौरान सेना की बोट अचानक अनियंत्रित होकर यमुना नदी में डूब गई। हादसे के समय बोट में मौजूद पांच जवान पानी में गिर गए और डूबने लगे।इनमें से तीन जवानों ने हिम्मत दिखाते हुए करीब 600 मीटर त तेज बहाव में तैरकर अपनी जान बचाई। ये तीनों जवान पश्चिमी यमुना नहर के गेट से बाहर निकलने में सफल रहे। हालांकि, दो जवान तेज बहाव में बह गए, जिनकी तलाश लगातार जारी है।लापता जवानों की पहचान महाराष्ट्र निवासी आर्यन पाटिल और जम्मू-कश्मीर के अखनूर निवासी अजय के रूप में हुई है। दोनों जवानों के परिवारों को घटना की जानकारी दे दी गई है।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

जवानों के लापता होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन तेज कर दिया। देर रात एसडीएम जसपाल गिल और डीएसपी रजत गुलिया मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान का जायजा लिया।अधिकारियों ने घटनास्थल पर मौजूद सेना, एसडीआरएफ और पुलिस अधिकारियों से सर्च ऑपरेशन की पूरी जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जवानों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं और सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए।

तेज बहाव बना चुनौती

रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यमुना नदी का तेज बहाव है। लगातार पानी के दबाव और गहराई के कारण गोताखोरों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सेना और राहत एजेंसियां आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ टीमों की मदद से जवानों की तलाश में जुटी हुई हैं।अधिकारियों का कहना है कि जब तक लापता जवानों का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। सेना के जवानों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

Share this story

Tags