हरियाणा के कर्नाल में बुजुर्ग डॉक्टर की दर्दनाक स्थिति, सामाजिक संस्था ने की रेस्क्यू
हरियाणा के कर्नाल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक बुजुर्ग होम्योपैथिक डॉक्टर को उनकी दयनीय हालत में उनके घर से रेस्क्यू किया गया। बताया जा रहा है कि यह डॉक्टर पिछले कई महीनों से अपने घर में अकेले, बेहद खराब स्थिति में रह रहे थे। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
कई महीनों से अकेले रह रहे थे डॉक्टर
रेस्क्यू के दौरान बुजुर्ग डॉक्टर की हालत देखकर यह स्पष्ट हुआ कि वे काफी समय से अकेले और बिना किसी मदद के रह रहे थे। उनके घर की हालत भी खस्ता थी, और उनका शरीर अत्यधिक कमजोर हो चुका था। इस घटना ने न केवल डॉक्टर की गंभीर स्थिति को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि समाज में इस तरह के मामलों में किस तरह से ध्यान नहीं दिया जाता, जिससे बुजुर्गों को परेशानी होती है।
A deeply disturbing video has surfaced from #Karnal.
— Indian Doctor🇮🇳 (@Indian__doctor) February 24, 2026
An elderly doctor was found living alone in extremely pathetic and neglected conditions inside his own home.
His son and daughter are settled in Australia. Reportedly, he had not even changed his clothes for nearly one and a… pic.twitter.com/O0KZDJIAtW
सामाजिक संस्था का रेस्क्यू अभियान
इस मामले को लेकर सामाजिक संस्था 'वृद्ध जन सेवा' ने बड़ी तत्परता दिखाई और डॉक्टर को उनके घर से रेस्क्यू किया। संस्था के सदस्यों ने बताया कि डॉक्टर की हालत बेहद नाजुक थी और उन्हें तुरंत चिकित्सीय देखभाल की आवश्यकता थी। संस्था के सदस्य डॉक्टर को अस्पताल ले गए, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। रेस्क्यू के बाद डॉक्टर की हालत में सुधार देखने को मिला है, लेकिन उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति अभी भी गंभीर है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
डॉक्टर के रेस्क्यू का वीडियो जब सोशल मीडिया पर सामने आया, तो लोग हैरान और दुखी हो गए। वीडियो में डॉक्टर की दुर्दशा साफ नजर आ रही है, और यह देखकर कई लोग गहरे आहत हुए। वीडियो में डॉक्टर की कमजोर हालत, उनके घर की साफ-सफाई की कमी और अकेले रहने की दर्दनाक स्थिति को दर्शाया गया है। सोशल मीडिया यूजर्स ने इस घटना को लेकर अपने विचार साझा किए और यह सवाल उठाया कि आखिरकार समाज और प्रशासन ऐसे मामलों में ध्यान क्यों नहीं देता।
समाज और प्रशासन से अपील
इस घटना ने समाज के सामने एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया है कि क्या हम अपने बुजुर्गों की सही देखभाल कर रहे हैं? क्या हम उन्हें अकेला छोड़ देते हैं या उनकी मदद के लिए कोई ठोस कदम उठाते हैं? इस पर कई लोग सवाल उठा रहे हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि बुजुर्गों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। समाज को यह समझने की जरूरत है कि बुजुर्गों का ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है, और हमें उन्हें अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।
सामाजिक संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण
सामाजिक संगठनों ने इस घटना के बाद अपनी भूमिका को और अधिक मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। वे अब समाज में जागरूकता फैलाने के लिए अभियान चलाने की योजना बना रहे हैं ताकि बुजुर्गों की देखभाल के लिए एक संरचित तंत्र विकसित किया जा सके। इसके साथ ही, प्रशासन को भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना होगा और बुजुर्गों के लिए विशेष योजनाओं की शुरुआत करनी होगी।

