अभय चौटाला का बड़ा दावा, सैलजा और सुरजेवाला को निकालने की फिराक में हुड्डा, जानें क्यों?
ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती पर जाट बहुल रोहतक में जोरदार रैली कर सुर्खियों में आए इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर हमला बोला है। अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि हुड्डा लंबे समय से कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को स्थापित करने की चिंता है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व हुड्डा के दबाव में है।
भाजपा नेतृत्व भी चाहता है कि हुड्डा राज्य की राजनीति में सक्रिय रहें, तो केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हुड्डा को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि उन्हें राजनीति से संन्यास नहीं लेना चाहिए। चंडीगढ़ में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए अभय चौटाला ने उन सभी पुराने कांग्रेस नेताओं के नाम गिनाए जो समय-समय पर भाजपा में शामिल हुए थे।
अभय ने आरोप लगाया कि हुड्डा की वजह से ही भजनलाल, राव इंद्रजीत, बीरेंद्र सिंह, कुलदीप बिश्नोई और किरण चौधरी जैसे कई नेता कांग्रेस छोड़कर चले गए। अब हुड्डा सैलजा और सुरजेवाला को भी कांग्रेस से निकालना चाहते हैं। वे किसी को अपने सामने टिकने नहीं देना चाहते। उनकी बस यही सोच है कि दीपेंद्र हुड्डा राजनीति में कामयाब हों, चाहे कांग्रेस भाड़ में जाए।
अभय चौटाला ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर विपक्ष का नेता बनने का दबाव बनाया था और तर्क दिया कि अगर उन्हें इनेलो की रोहतक रैली से पहले नेता नहीं बनाया गया तो कांग्रेस को नुकसान होगा। हुड्डा द्वारा राज्यसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने के आरोप पर अभय ने कहा कि मैं शुरू से ही कांग्रेस के खिलाफ हूं। फिर कांग्रेस को वोट क्यों दूंगा। जब दीपेंद्र को राज्यसभा चुनाव में टिकट मिला तो सांसद जयप्रकाश जेपी ने हुड्डा से फोन पर बात की थी।
उस समय हुड्डा ने मुझसे दीपेंद्र को वोट देने के लिए कहा था। तब मैंने हुड्डा से कहा था कि वोट देने या न देने पर विचार करूंगा। उन्होंने कहा कि हुड्डा बताएं कि राज्यसभा चुनाव में कलम की स्याही किसने बदली। इनेलो प्रमुख ने स्वीकार किया कि विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री गोपाल कांडा की पार्टी हलोपा के साथ गठबंधन करना उनकी राजनीतिक भूल थी। इनेलो और हलोपा के गठबंधन की वजह से ही कांग्रेस को ऐसा कहने का मौका मिला, लेकिन हकीकत यह है कि गोपाल कांड की वजह से हमारी पार्टी को नुकसान हुआ है।
गोपाल कांडा का कहना है कि केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उन्हें अर्जुन चौटाला की मदद करने के लिए कहा था। अगर मनोहर लाल ऐसा कहते हैं तो वह मानेंगे, वरना गोपाल कांडा के आरोपों में कोई दम नहीं है। बक्स उदयभान के पिता ने हरियाणा की राजनीति को बदनाम किया हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष चौधरी उदयभान पर भी अभय सिंह चौटाला ने हमला बोला। उन्होंने कहा कि उदयभान के पिता ने हरियाणा की राजनीति को बदनाम किया। उनके पिता ने एक दिन में तीन बार दल बदले थे।
इसी वजह से राज्य की राजनीति में राम-गया राम का नारा आया। उन्होंने कहा कि हुड्डा और उदयभान ने कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव में कमजोर उम्मीदवार उतारकर भाजपा की मदद की है। अगर बक्स के पुराने साथी वापस आते हैं, तो मैं उन्हें सत्ता में लाने का काम करूंगा। अभय सिंह ने कहा कि वह जल्द ही अपने पुराने दोस्तों को पार्टी से जोड़ेंगे। अगर मेरे पुराने साथी इनेलो में वापस आते हैं, तो मैं उन्हें सत्ता में लाने के लिए काम करूँगा। अगले 15 दिनों के बाद पूरे प्रदेश का दौरा जल्द ही शुरू किया जाएगा।
लाडो लक्ष्मी योजना को महिलाओं का अपमान बताते हुए अभय ने कहा कि इसका लाभ लेने के लिए इतनी शर्तें लगाई गई हैं, जिन्हें पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने भारतीय टीम के पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वे ट्रॉफी लेकर पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाते। देश के लिए इतना दृढ़ संकल्प और प्यार है, तभी तो मैच खेला गया है। पराली जलाने के आरोप में किसानों पर मुकदमे दर्ज करने पर भी अभय ने आपत्ति जताई और कहा कि वे खेतों से पानी नहीं छोड़ रहे हैं और किसानों को परेशान कर रहे हैं।

