फरीदाबाद में ड्राई-डे पर शराब बिक्री का वीडियो वायरल, डबुआ-पाली रोड के ठेके पर शटर के नीचे से बोतलें देने का आरोप
फरीदाबाद में गांधी जयंती के दिन ड्राई-डे के बावजूद शराब बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। डबुआ-पाली रोड स्थित एक शराब ठेके का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ठेके का शटर बाहर से बंद दिखाई दे रहा है, लेकिन कुछ लोग शटर के नीचे बने गैप से शराब की बोतलें लेते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि 2 अक्टूबर को शराब की बिक्री पर रोक होने के बावजूद ठेके के अंदर से शराब बेची जा रही थी।
शटर बंद, नीचे से शराब देने का आरोप
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि शराब ठेके का शटर पूरी तरह नीचे है। इसके बावजूद बाहर खड़े कुछ लोग शटर के नीचे से हाथ अंदर डालते हैं और कथित तौर पर शराब की बोतलें प्राप्त करते हैं। वीडियो बनाने वाले स्थानीय लोगों का दावा है कि अंदर मौजूद कर्मचारी शटर के नीचे से शराब की बोतलें बाहर दे रहे थे।
स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया और प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की। हालांकि, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि और शराब बिक्री के आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
2 अक्टूबर को शराब बिक्री पर रहता है प्रतिबंध
दरअसल, 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर शराब की बिक्री बंद रखने का प्रावधान है। हरियाणा के शराब लाइसेंस नियमों में भी 2 अक्टूबर को शराब की दुकानों को बंद रखने की शर्त दर्ज है।
ऐसे में डबुआ-पाली रोड के ठेके पर कथित तौर पर शटर के नीचे से शराब दिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने कही कार्रवाई की बात
मामले को लेकर डबुआ थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि इलाके में पुलिस की राइडर टीम लगातार गश्त कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह की गलत हरकत करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और संबंधित आबकारी विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि वास्तव में ड्राई-डे के दौरान अवैध शराब बिक्री से जुड़ी थी या नहीं।
सोशल मीडिया पर वीडियो के बाद उठे सवाल
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि जब सरकारी आदेश के तहत ठेके बंद रखने थे, तो शटर के नीचे से कथित बिक्री कैसे हुई, इसकी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस की ओर से नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की बात कही गई है। जांच के बाद ही संबंधित ठेके और कर्मचारियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

