सूरत में बारिश का कहर: 18 इंच पानी ने मचाई तबाही, एशिया के सबसे बड़े कपड़ा बाजार में करोड़ों का नुकसान
गुजरात के सूरत शहर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर में हुई करीब 18 इंच बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सड़कों से लेकर बाजारों तक पानी भर गया, जिससे आम लोगों के साथ व्यापारियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
सबसे ज्यादा असर शहर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों पर पड़ा है। पोदार आर्केड शॉपिंग सेंटर और एशिया के सबसे बड़े कपड़ा बाजार के रूप में पहचाने जाने वाले सूरत टेक्सटाइल मार्केट में पानी भरने से करोड़ों रुपये का माल खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
कपड़ा बाजार में पानी घुसने से व्यापारियों को बड़ा झटका
सूरत का कपड़ा बाजार देश ही नहीं, बल्कि एशिया के सबसे बड़े कपड़ा कारोबार केंद्रों में शामिल है। यहां हजारों व्यापारी कपड़े का कारोबार करते हैं और देश-विदेश में माल भेजते हैं।
भारी बारिश के बाद बाजार के कई हिस्सों में पानी भर गया। दुकानों और गोदामों में रखा कपड़ा पानी की चपेट में आ गया। व्यापारियों के अनुसार, लंबे समय से जमा स्टॉक के खराब होने से उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।
कई व्यापारी अपने माल को बचाने के लिए देर रात तक प्रयास करते नजर आए। कुछ जगहों पर दुकानदारों ने कपड़ों के गठ्ठरों को ऊंची जगहों पर रखने की कोशिश की, लेकिन पानी का स्तर बढ़ने के कारण काफी सामान खराब हो गया।
शहर के कई इलाके बने जलमग्न
रिकॉर्ड बारिश के बाद सूरत के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई इलाकों में घरों और दुकानों में भी पानी घुसने की शिकायतें सामने आईं। नगर निगम की टीमें पानी निकालने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुटी हुई हैं।
जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
सूरत जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में भारी बारिश के बाद जलभराव की स्थिति ने एक बार फिर ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल मानसून के दौरान कई शहरों में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन अचानक हुई तेज बारिश के सामने तैयारियां कमजोर साबित होती दिखाई देती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ते शहरीकरण और लगातार हो रहे निर्माण के बीच बारिश के पानी की निकासी के लिए बेहतर योजना और आधुनिक व्यवस्था की जरूरत है।
प्रशासन ने शुरू किया राहत अभियान
बारिश के बाद सूरत नगर निगम ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में पंप लगाकर पानी निकालने का काम किया जा रहा है। साथ ही लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
सूरत में हुई रिकॉर्ड बारिश ने जहां शहर की रफ्तार रोक दी है, वहीं कपड़ा कारोबारियों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। अब सभी की नजरें मौसम साफ होने और नुकसान के वास्तविक आकलन पर टिकी हैं।

