गुजरात के कच्छ में भीषण सड़क हादसा, ट्रक के नीचे दब गई बोलेरो; फुटेज में देंखे 7 मजदूरों की मौत, 20 घायल
गुजरात के कच्छ जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ट्रक और पिकअप बोलेरो के बीच हुई जोरदार टक्कर में बोलेरो सवार सात मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 20 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो का केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गया और वाहन ट्रक के नीचे दब गया। घायलों को तत्काल भुज सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बोलेरो में सवार कई मजदूर वाहन के अंदर फंस गए थे।
बोलेरो में करीब 30 मजदूर थे सवार
कच्छ के कलेक्टर अनिल राणावासिया के मुताबिक, हादसे के समय बोलेरो में करीब 30 लोग सवार थे। शुक्रवार सुबह ट्रक और पिकअप बोलेरो के बीच टक्कर होने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद कई लोग अंदर फंस गए और उन्हें बाहर निकालने के लिए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्ष स्थिति के अनुसार, बोलेरो का केबिन बुरी तरह पिचक गया था और ट्रक उसके ऊपर दबा हुआ था। वाहन में फंसे लोग दर्द से कराह रहे थे। आसपास मौजूद लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की।
क्रेन की मदद से निकाले गए वाहन में फंसे मजदूर
दुर्घटनास्थल के पास आरी पार्क चेकपोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। राहत अभियान को तेज करने के लिए आसपास के औद्योगिक क्षेत्र से क्रेन की व्यवस्था की गई। इसकी मदद से ट्रक को हटाने और उसके नीचे फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया।रेस्क्यू टीम ने घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हादसे में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 20 घायल बताए गए हैं। दुर्घटना के कारणों और वाहनों की टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
भारत में सड़क हादसों से हर दिन सैकड़ों मौतें
कच्छ का यह हादसा देश में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में भारत में सड़क दुर्घटनाओं के कारण 1.77 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसका मतलब है कि देश में औसतन हर दिन करीब 485 लोगों की जान सड़क हादसों में गई।इन आंकड़ों के अनुसार, हर घंटे लगभग 20 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई। तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी और हेलमेट या सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना सड़क हादसों में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन जरूरी
विशेषज्ञ लगातार वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील करते हैं। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और कार में सीटबेल्ट का इस्तेमाल दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोटों का जोखिम कम कर सकता है।कच्छ में हुए हादसे ने एक बार फिर याद दिलाया है कि सड़क पर छोटी-सी लापरवाही भी कई परिवारों की जिंदगी बल सकती है। फिलहाल मृतकों की पहचान, दुर्घटना के सटीक कारणों और मामले में आगे की कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

