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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर टला बड़ा विमान हादसा, वीडियो में देंखे आमने-सामने आ गए एअर इंडिया और इंडिगो के विमान

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर टला बड़ा विमान हादसा, वीडियो में देंखे आमने-सामने आ गए एअर इंडिया और इंडिगो के विमान

गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर बुधवार शाम एक बड़ा विमान हादसा होते-होते टल गया। एअर इंडिया और इंडिगो के दो यात्री विमान एक ही टैक्सीवे पर आमने-सामने आ गए, जिससे कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। हालांकि एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और पायलटों की सतर्कता के चलते दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया और किसी तरह की दुर्घटना नहीं हुई।सूत्रों के मुताबिक, इंडिगो का एक विमान मुंबई के लिए रवाना होने की तैयारी में था और टैक्सीवे के जरिए रनवे की ओर बढ़ रहा था। उसी दौरान मुंबई से अहमदाबाद पहुंची एअर इंडिया की एक फ्लाइट यात्रियों को उतारने के बाद अपनी निर्धारित पार्किंग बे की ओर जा रही थी। इसी बीच एअर इंडिया का विमान कथित तौर पर गलत मोड़ ले बैठा और उस टैक्सीवे पर पहुंच गया, जहां पहले से इंडिगो का विमान मौजूद था।

बताया जा रहा है कि दोनों विमानों के बीच की दूरी करीब 200 मीटर तक रह गई थी। जैसे ही स्थिति का पता चला, एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों विमानों की गतिविधियां रोक दीं। पायलटों को आवश्यक निर्देश दिए गए, जिसके बाद संभावित टक्कर का खतरा टल गया।घटना के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और विमानन अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। एअर इंडिया के विमान को बाद में विशेष टोइंग वाहन की मदद से सही दिशा में ले जाकर उसकी निर्धारित पार्किंग बे तक पहुंचाया गया। इसके बाद इंडिगो के विमान को रनवे तक जाने की अनुमति दी गई और उसकी उड़ान सामान्य रूप से संचालित की गई।

हालांकि इस घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन इसे विमानन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्सीवे पर इस तरह की स्थिति बड़े हादसे का कारण बन सकती थी, खासकर तब जब दोनों विमान एक-दूसरे की ओर बढ़ रहे हों।घटना के बाद एयरपोर्ट और विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि एअर इंडिया का विमान गलत टैक्सीवे पर कैसे पहुंचा और क्या यह पायलट की त्रुटि, ग्राउंड गाइडेंस की कमी या किसी तकनीकी कारण का परिणाम था। एयर ट्रैफिक कंट्रोल और ग्राउंड मूवमेंट से जुड़े रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जा रही है।

हाल के वर्षों में भारतीय विमानन क्षेत्र में यात्री संख्या और उड़ानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। ऐसे में एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही भी काफी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि व्यस्त एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और पायलटों तथा ग्राउंड स्टाफ के बीच बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है। फिलहाल राहत की बात यह है कि समय रहते स्थिति को संभाल लिया गया और एक संभावित बड़ा विमान हादसा टल गया। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर एयरपोर्ट संचालन और विमानन सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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