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Ahmedabad ने रचा इतिहास: एक घंटे में लगाए 3.61 लाख पौधे, AMC ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहमदाबाद ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने भदाज क्षेत्र में मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए महज एक घंटे में 3.61 लाख पौधे लगाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है। इस ऐतिहासिक वृक्षारोपण अभियान में 25,000 से ज्यादा वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया और करीब 76,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया।

AMC की इस पहल का उद्देश्य शहर में हरियाली बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच प्राकृतिक संतुलन को मजबूत करना है। इतने बड़े स्तर पर एक साथ पौधे लगाने का यह अभियान लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

मियावाकी तकनीक से मिली रिकॉर्ड बनाने में मदद

इस अभियान की सबसे खास बात मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल रही। जापान के वनस्पति वैज्ञानिक अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित इस तकनीक में कम जगह में अधिक संख्या में पौधे लगाए जाते हैं।

इस पद्धति में स्थानीय प्रजातियों के पौधों को एक-दूसरे के काफी करीब लगाया जाता है। इससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं और कुछ ही वर्षों में घना जंगल तैयार होने लगता है। सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में मियावाकी तकनीक से कम समय और कम जगह में ज्यादा हरियाली विकसित की जा सकती है।

25 हजार से ज्यादा लोगों ने संभाला मोर्चा

इतने बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए AMC ने पहले से व्यापक तैयारी की थी। अभियान में शामिल 25 हजार से अधिक वॉलंटियर्स को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।

पौधों को पहले से तैयार स्थानों तक पहुंचाया गया और पूरे क्षेत्र को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर पौधारोपण किया गया। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ काम करने से सिर्फ एक घंटे में लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य हासिल किया जा सका।

76 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में हुआ पौधारोपण

अहमदाबाद के भदाज इलाके में करीब 76,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में यह विशाल वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इतने बड़े क्षेत्र में पौधे लगाकर शहर के हरित क्षेत्र को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

AMC का मानना है कि इस तरह के प्रयास भविष्य में शहर के तापमान को नियंत्रित करने, वायु गुणवत्ता सुधारने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मददगार साबित होंगे।

शहरी क्षेत्रों में बढ़ेगी हरियाली

तेजी से बढ़ते शहरों में पेड़ों की संख्या कम होने और प्रदूषण बढ़ने की समस्या लगातार सामने आ रही है। ऐसे में मियावाकी जैसे मॉडल शहरी क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने का प्रभावी तरीका माने जा रहे हैं।

इस तकनीक से तैयार छोटे जंगल न केवल पर्यावरण को फायदा पहुंचाते हैं, बल्कि पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराते हैं।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा संदेश

अहमदाबाद नगर निगम की यह पहल सिर्फ एक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों का उदाहरण भी पेश करती है। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने यह साबित किया कि जनसहयोग के जरिए बड़े पर्यावरणीय लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

AMC की इस उपलब्धि के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि देश के अन्य शहर भी हरियाली बढ़ाने के लिए इस तरह की तकनीकों और बड़े स्तर के अभियानों को अपनाएंगे।

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