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तहलका के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल ने किया सरेंडर, फुटेज में देखें कोर्ट ने भेजा जेल; 10 साल की सजा काटेंगे

तहलका के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल ने किया सरेंडर, फुटेज में देखें कोर्ट ने भेजा जेल; 10 साल की सजा काटेंगे

तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर इन चीफ तरुण तेजपाल ने सोमवार को गोवा की मापुसा कोर्ट में सरेंडर कर दिया। रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद तेजपाल अदालत पहुंचे, जहां कोर्ट ने उन्हें नॉर्थ गोवा की कोलवाले सेंट्रल जेल भेजने का आदेश दिया। अब उन्हें 10 साल की सजा जेल में काटनी होगी। जेल ले जाते समय तरुण तेजपाल ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और उन्हें पूरा भरोसा है कि उन्हें न्याय मिलेगा।

दरअसल, 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने सरेंडर से राहत देने की मांग की थी। शीर्ष अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह के भीतर संबंधित अदालत के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया था। साथ ही उनकी अपील पर 22 सितंबर को सुनवाई की तारीख तय की गई है।

मापुसा कोर्ट में किया सरेंडर

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तरुण तेजपाल सोमवार को गोवा की मापुसा कोर्ट पहुंचे और सरेंडर कर दिया। अदालत ने प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें नॉर्थ गोवा स्थित कोलवाले सेंट्रल जेल भेज दिया। जेल जाते समय तेजपाल ने मीडिया से कहा कि उनका मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि उन्हें न्याय मिलेगा। तेजपाल को इस मामले में 10 साल की सजा सुनाई गई है। हालांकि, उनकी अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी बाकी है। ऐसे में मामले का अंतिम कानूनी फैसला अभी बाकी है।

2013 में सामने आया था मामला

तरुण तेजपाल के खिलाफ रेप का मामला साल 2013 में सामने आया था। आरोप था कि गोवा में तहलका मैगजीन के एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में उन्होंने अपनी एक जूनियर महिला सहकर्मी के साथ रेप किया। पीड़िता पेशे से पत्रकार थी और उसी मीडिया संस्थान में काम करती थी। घटना के सामने आने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था। आरोपों के बाद तरुण तेजपाल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई और मामला अदालत तक पहुंचा।

पहले ट्रायल कोर्ट ने किया था बरी

इस मामले में गोवा की एक ट्रायल कोर्ट ने मई 2021 में तरुण तेजपाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। बाद में बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया और 10 साल की सजा सुनाई।

तेजपाल ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। इसी कानूनी लड़ाई के बीच उन्होंने सरेंडर से राहत की मांग की थी, लेकिन 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

अब तरुण तेजपाल कोलवाले सेंट्रल जेल में सजा काटेंगे। वहीं, उनकी अपील पर सुप्रीम कोर्ट में 22 सितंबर को सुनवाई होनी है। इस सुनवाई पर आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

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