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राजस्थान के 24 जिलों में किसानों को दिन में बिजली, दौसा-करौली भी शामिल

राजस्थान के 24 जिलों में किसानों को दिन में बिजली, दौसा-करौली भी शामिल

राजस्थान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए राज्य के 24 जिलों में दिन के समय कृषि बिजली आपूर्ति की सुविधा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार (30 मार्च) की रात इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की, जिसके बाद किसानों में खुशी की लहर है।

Rajasthan में इससे पहले 22 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन अब इस सुविधा का विस्तार करते हुए दौसा और करौली जिलों को भी इसमें शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही दोनों जिलों के हजारों किसानों को अब खेती के लिए दिन के दो निर्धारित ब्लॉकों में बिजली मिल सकेगी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस फैसले की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए इसे किसानों के हित में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पूरे प्रदेश के किसानों को सुरक्षित और सुविधाजनक बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें रात के समय सिंचाई करने की मजबूरी से मुक्ति मिल सके।

सरकार के इस निर्णय से किसानों को अब कड़ाके की ठंड, बारिश और जंगली जानवरों के खतरे के बीच रात में खेतों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। दिन में बिजली मिलने से कृषि कार्य अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से किए जा सकेंगे।

सरकारी योजना के अनुसार, यह एक चरणबद्ध प्रक्रिया है, जिसके तहत पूरे राज्य में सभी जिलों में दिन के समय कृषि बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वर्ष 2024-25 के परिवर्तित बजट में इस योजना को शामिल किया गया है और इसे वर्ष 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ऊर्जा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दिन में बिजली आपूर्ति के लिए ग्रिड और वितरण प्रणाली को धीरे-धीरे मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसानों को निर्बाध बिजली मिल सके। इसके लिए अलग-अलग जिलों में शेड्यूल और ब्लॉक व्यवस्था लागू की जा रही है।

किसान संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे कृषि क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सुधार बताया है। उनका कहना है कि इससे न केवल खेती की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की सुरक्षा और जीवन स्तर में भी सुधार होगा।

वहीं कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दिन में बिजली मिलने से सिंचाई व्यवस्था अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी होगी, जिससे पानी और ऊर्जा दोनों की बचत संभव होगी।

फिलहाल इस योजना के विस्तार के बाद राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में इसे पूरे राजस्थान में समान रूप से लागू किया जाए, ताकि सभी किसानों को इसका लाभ मिल सके।

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