2029 तक साफ होगी यमुना! अमित शाह ने तय की डेडलाइन, किशाऊ प्रोजेक्ट से बढ़ेगा नदी का प्रवाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2029 तक साफ यमुना का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना से यमुना में पानी का प्रवाह बढ़ने और दिल्ली को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यमुना की सफाई को लेकर बड़ा लक्ष्य सामने रखा है। उन्होंने कहा कि 2029 तक साफ-सुथरी यमुना का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। शाह ने यह बात किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर हुई बैठक के दौरान कही। इस दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए।
अमित शाह ने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यमुना की सफाई का काम लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई केवल दिल्ली तक सीमित विषय नहीं है, क्योंकि प्रयागराज में यमुना गंगा में मिलती है। ऐसे में यमुना की स्वच्छता को गंगा की स्वच्छता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
किशाऊ परियोजना से यमुना को कितना फायदा
किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना टोंस नदी पर प्रस्तावित है। टोंस नदी उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा के पास बहती है और आगे चलकर यमुना में मिलती है। परियोजना के तहत 232.6 मीटर ऊंचा कंक्रीट ग्रेविटी बांध बनाया जाएगा। इसकी जल भंडारण क्षमता 1,562 मिलियन क्यूबिक मीटर बताई गई है। परियोजना से करीब 97 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और 1,476 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है।
अमित शाह के मुताबिक, यमुना के पानी के बंटवारे के दौरान नदी के लिए जरूरी पर्यावरणीय प्रवाह को पर्याप्त रूप से ध्यान में नहीं रखा गया था। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना के समझौते के तहत करीब 25 प्रतिशत पानी उपलब्ध होगा, जिससे दिल्ली और यमुना दोनों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे नदी के पर्यावरणीय प्रवाह और उसके पुनर्जीवन में भी मदद मिल सकती है।
छह राज्यों के बीच हुआ समझौता
किशाऊ परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के बीच समझौता हुआ है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया है। परियोजना के जल घटक की लागत का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि बाकी 10 प्रतिशत वित्तीय भार संबंधित राज्यों के हिस्से में आएगा।
इस समझौते के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के अनुसार, परियोजना से छह राज्यों को अलग-अलग स्तर पर लाभ मिलेगा और दिल्ली को इसका सबसे बड़ा फायदा होने की बात कही गई है।
गंगा की सफाई से भी जोड़ा यमुना को
अमित शाह ने कहा कि जब यमुना साफ होगी तो गंगा की सफाई में भी मदद मिलेगी, क्योंकि यमुना प्रयागराज में गंगा में समाहित होती है। उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए दिल्ली सरकार और सभी संबंधित पक्षों के सहयोग से काम आगे बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल 2029 की समयसीमा को यमुना की सफाई के लिए सरकार की ओर से रखा गया लक्ष्य बताया गया है। इसे हासिल करने में सीवेज प्रबंधन, नदी में प्रदूषित पानी की रोकथाम, पर्याप्त पर्यावरणीय प्रवाह और विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

